7 साल का इशांक रचेगा इतिहास: ‘मिशन समंदर’ के तहत भारत से श्रीलंका तक तैरने की तैयारी

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: रांची। 08 अप्रैल। झारखंड की राजधानी रांची का सात वर्षीय इशांक इन दिनों अपने साहस और जज्बे से सबका ध्यान खींच रहा है। कम उम्र में ही उसने एक ऐसा लक्ष्य तय किया है, जिसे सुनकर बड़े-बड़े तैराक भी हैरान रह जाएं। इशांक ‘मिशन समंदर’ के तहत भारत से श्रीलंका के बीच समुद्री दूरी तैरकर पार करने की तैयारी में जुटा है।

इशांक का यह अभियान 30 अप्रैल को तलैमन्नार से शुरू होगा, जहां से वह करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए भारत के अंतिम छोर धनुषकोडी तक पहुंचेगा। इससे पहले वह 22 अप्रैल को रामेश्वरम के लिए रवाना होगा, जहां अंतिम तैयारियां पूरी की जाएंगी।

इतनी कम उम्र में इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य के पीछे इशांक की कड़ी मेहनत और अनुशासन है। वह रोजाना धुर्वा डैम (रांची) में 4 से 5 घंटे अभ्यास करता है और 15 से 20 किलोमीटर तक तैराकी कर रहा है। सप्ताह में एक दिन वह लगातार 8 घंटे तक पानी में रहकर अभ्यास करता है, जिसमें पूरी टीम उसका साथ देती है।

इशांक को तैराकी का शौक बचपन से ही है। उसकी मां मनीषा के अनुसार, उसने महज ढाई साल की उम्र से तैरना शुरू कर दिया था। उसके पिता सुनील इस सफर में उसके सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। कोच अमन कुमार जायसवाल और बजरंग कुमार की देखरेख में वह पेशेवर प्रशिक्षण ले रहा है।

अपने मिशन से पहले इशांक 11 अप्रैल को कोच्चि जाएगा, जहां वह पेरियार नदी में आयोजित ओपन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। इससे उसे समुद्र में तैरने से पहले और अनुभव मिलेगा।

इशांक पहले भी कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुका है। उसने गेटवे ऑफ इंडिया इवेंट में एक किलोमीटर समुद्री तैराकी में तीसरा स्थान हासिल किया था। इसके अलावा जिला और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी वह अपनी पहचान बना चुका है।

इशांक का सपना सिर्फ इस कठिन समुद्री सफर को पूरा करना ही नहीं, बल्कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना भी है। उसके हौसले और मेहनत को देखकर यह कहा जा सकता है कि वह आने वाले समय में एक नया इतिहास रच सकता है।

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