बिहार में बनेंगे 725 आधुनिक ग्रामीण हाट, किसानों और जीविका दीदियों को मिलेगा बड़ा बाजार

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : बिहार सरकार ने ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और गांवों में रोजगार व आय के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। ग्रामीण विकास विभाग के विकसित भारत-जी राम जी (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आधुनिक हाट-बाजारों के निर्माण और पुनरुद्धार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार का मानना है कि इस पहल से स्थानीय उद्यमियों, किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक व्यवस्थित और सुदृढ़ प्लेटफॉर्म प्राप्त होगा।

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 20 डिसमिल से अधिक क्षेत्रफल वाले ग्रामीण हाट-बाजारों को प्राथमिकता के आधार पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर पर 725 संभावित स्थलों की सूची जिलों को भेजी गई थी। गहन समीक्षा के बाद जिलों ने कार्यान्वयन योग्य 207 स्थलों की पहचान कर रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। पहले चरण में बनने वाले इन सभी हाट में शेड युक्त वेंडर प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा। इसके बाद पेवर ब्लॉक, आवश्यक सहायक संरचनाएं और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

समय सीमा में औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य
हाट-बाजारों का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले की सभी कागजी व प्रशासनिक औपचारिकताओं को निश्चित समय सीमा में पूरा करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में चयनित प्रत्येक हाट में विक्रेताओं और ग्राहकों की सुविधा के लिए शेड युक्त वेंडर प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। इसके बाद परिसर में पेवर ब्लॉक बिछाए जाएंगे और अन्य आवश्यक सहायक संरचनाओं तथा आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

किसानों और महिला समूहों को सीधा फायदा
विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुधारने का प्रमुख जरिया बनेगी। आधुनिक हाटों के बनने से जहां एक तरफ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय कृषि व हस्तशिल्प उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा। बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की सही कीमत पाने में मदद मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, 725 आधुनिक ग्रामीण हाटों के विकास से जीविका दीदियों और किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक बेचने का स्थायी मंच मिलेगा। इस पूरी परियोजना में नाबार्ड की वित्तीय और तकनीकी सहभागिता होगी।

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