NEWS PR डेस्क: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हाजीपुर की पारंपरिक शिव बारात इस वर्ष भी श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ निकाली गई। शहर की सड़कों पर ढोल-नगाड़ों की गूंज, गुलाल की उड़ती रंगत और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच लाखों श्रद्धालुओं ने इस अलौकिक आयोजन का दर्शन किया।
हाजीपुर की पहचान बन चुकी यह ऐतिहासिक शोभायात्रा बाबा पातालेश्वर नाथ मंदिर से प्रारंभ हुई। लगभग चार किलोमीटर लंबे मार्ग को तय करने में बारात को सात से आठ घंटे का समय लगा। वैशाली जिले सहित आसपास के कई क्षेत्रों से श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनने पहुंचे।
आस्था की मिसाल बने नित्यानंद राय
बारात का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब सजी-धजी बैलगाड़ी पर विराजमान शिव-पार्वती की पालकी को स्वयं नित्यानंद राय गाड़ीवान बनकर हांकते नजर आए। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित मंत्री श्रद्धालुओं के बीच जयकारे लगवाते, गुलाल उड़ाते और प्रसाद वितरित करते दिखे।
करीब तीन दशकों से इस परंपरा का हिस्सा रहे नित्यानंद राय ने विधायक से लेकर सांसद और केंद्रीय मंत्री बनने तक इस भूमिका को निभाना नहीं छोड़ा है। उन्होंने इसे अपनी आस्था और सौभाग्य से जुड़ा दायित्व बताया।
झांकियों और लोक-संस्कृति की झलक
शिव बारात में पौराणिक प्रसंगों पर आधारित सैकड़ों झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। हाथी-घोड़े, बैंड-बाजा, ढोल-मंजीरे और शिव गणों की झलक ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। भूत-पिशाचों की टोली और रंग-बिरंगी सजावट ने आयोजन में लोक-संस्कृति की जीवंत छवि प्रस्तुत की। पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने बारात का स्वागत किया और फूलों की वर्षा की। हाजीपुर एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था के रंग में सराबोर नजर आया।