बाल दिवस पर सोनी सब के बाल कलाकारों का खास संदेश — “हर बच्चे में है एक चमक, बस खुद पर रखो भरोसा!”

Jyoti Sinha
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बाल दिवस वह दिन है जब मासूमियत, उत्साह और सपनों की उड़ान का जश्न मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि बच्चों की मुस्कान ही हमारे भविष्य की सबसे बड़ी प्रेरणा है। इस मौके पर सोनी सब के मशहूर शोज़ ‘गाथा शिव परिवार की गणेश कार्तिकेय’, ‘इत्ती सी खुशी’ और ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के बाल कलाकारों ने बताया कि वे इस दिन को कैसे मनाते हैं और अपने फैंस के लिए क्या खास संदेश देना चाहते हैं।


सुभान खान (कार्तिकेय, गाथा शिव परिवार की गणेश कार्तिकेय)

सुभान कहते हैं —

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“बाल दिवस मुझे यह याद दिलाता है कि हर बच्चे में कोई न कोई खासियत होती है — चाहे वह खेल, पढ़ाई या दोस्ती में हो।
भगवान कार्तिकेय की भूमिका निभाने के लिए जब मैंने कलारिपयट्टू सीखा, तो शुरुआत में बहुत मुश्किल लगा, लेकिन इससे मुझे सिखने को मिला कि असली ताकत अनुशासन और दयालुता में है।
मैं अपने सभी दोस्तों से कहना चाहता हूं — नई चीज़ों को आज़माने से कभी मत डरना!”


एकांश कठोरिया (गणेश, गाथा शिव परिवार की गणेश कार्तिकेय)

एकांश मुस्कुराते हुए बताते हैं —

“बाल दिवस मेरा फेवरेट दिन है! इस दिन स्कूल में ढेर सारी चॉकलेट्स मिलती हैं और दोस्तों के साथ खेलने का मौका भी।
बच्चा होना ही सबसे बड़ी खुशी है — बिना चिंता के हंसो, खेलो और खुद पर भरोसा रखो। यही दिन की असली खूबसूरती है!”


आयशा विंधारा (चिड़िया, इत्ती सी खुशी)

आयशा कहती हैं —

“मेरी इच्छा है कि हर बच्चा खुश रहे, चाहे वह घर पर हो या स्कूल में।
‘चिड़िया’ का किरदार निभाते हुए मैंने महसूस किया कि परिवार और दोस्त हमारी जिंदगी के सबसे कीमती हिस्से हैं।
हमें हमेशा एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और छोटी-छोटी खुशियों की कद्र करनी चाहिए।”


परी भट्टी (स्वरा, पुष्पा इम्पॉसिबल)

परी का मानना है —

“बाल दिवस सिर्फ जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि यह याद करने का दिन है कि सपने देखना और उन पर यकीन करना कितना जरूरी है।
‘स्वरा’ का किरदार निभाते हुए मैंने सीखा कि जब हम खुद पर भरोसा करते हैं, तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
मैं सभी बच्चों से कहती हूं — मुस्कुराने की वजह ढूंढो और एक-दूसरे का साथ दो।”


रोशन वालकर (रोशन, पुष्पा इम्पॉसिबल)

रोशन बताते हैं —

“हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी बच्चों को देश का भविष्य मानते थे, इसलिए हम बाल दिवस मनाते हैं।
मुझे इस दिन हमेशा गर्व महसूस होता है।
मैं चाहता हूं कि हर बच्चा जिज्ञासु रहे, नई चीज़ें सीखने की कोशिश करे और खुद को खास महसूस करे।”


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