NEWS PR डेस्क : पटना में शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार, केंद्र सरकार और नगर निगम के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत 17 विशेषज्ञों की टीम गठित होगी, जो 40 संक्रामक बीमारियों की लगातार निगरानी करेगी।
यह यूनिट खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों के साथ-साथ जलजनित और पशुजनित रोगों पर भी विशेष नजर रखेगी, जिससे शहर का जनस्वास्थ्य तंत्र अधिक प्रभावी बन सके। साथ ही, एकत्र किए गए आंकड़ों को IHIP पोर्टल पर रियल-टाइम में अपडेट किया जाएगा, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
शहरी स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए पटना नगर निगम में मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट की स्थापना की जा रही है। इस इकाई के गठन के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और नगर निगम के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है।
यह पहल शहरी क्षेत्रों में रोगों की निगरानी, नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस यूनिट में 17 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम कार्य करेगी।
इस टीम में पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, फूड सेफ्टी ऑफिसर, पशु चिकित्सक, प्रशिक्षित तकनीशियन और कीटविज्ञान विशेषज्ञ (एंटोमोलॉजिस्ट) शामिल होंगे। टीम लगभग 40 प्रकार के संक्रामक रोगों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा, जलजनित और पशुजनित रोगों पर लगातार निगरानी रखेगी और प्राप्त जानकारी का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी।
एकत्रित डेटा को भारत सरकार के इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर रियल-टाइम अपडेट किया जाएगा, जिससे रोगों की जल्दी पहचान, त्वरित हस्तक्षेप और प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
साथ ही, बीएसएल-2 लैब की स्थापना की जाएगी और हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सिस्टम शुरू किया जाएगा। सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों से नियमित रूप से स्वास्थ्य संबंधी डेटा एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे शहरी स्वास्थ्य प्रबंधन और प्रतिक्रिया प्रणाली और अधिक प्रभावी बन सके।