सोशल मीडिया पर एक कथित युवती से हुई दोस्ती एक युवक के लिए भारी पड़ गई। व्हाट्सएप चैट से शुरू हुई बातचीत अपहरण तक पहुंच गई और अपराधियों ने युवक के ही मोबाइल से उसके परिजनों को यूपीआई क्यूआर कोड भेजकर 2 लाख रुपये की फिरौती मांग डाली। हालांकि, मोतिहारी पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों की पूरी साजिश पर पानी फेर दिया और महज दो घंटे के भीतर अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया।

क्या है पूरा मामला?
मोतिहारी जिले के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित बांकी टीकम गांव निवासी राजकिशोर राम ने 5 जून की रात पुलिस को सूचना दी कि उनके पुत्र रौशन कुमार का अपहरण कर लिया गया है। अपहरणकर्ताओं ने रौशन के मोबाइल फोन से ही परिजनों को यूपीआई क्यूआर कोड भेजकर 2 लाख रुपये की फिरौती की मांग शुरू कर दी थी। सूचना मिलते ही मधुबन थाना पुलिस सक्रिय हो गई और तत्काल तकनीकी जांच शुरू की गई।
2 घंटे में मिला युवक
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मोबाइल लोकेशन और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस टीम ने पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के चोरमा स्थित एक सुनसान चंवर में छापेमारी की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि सूचना मिलने के महज दो घंटे के भीतर अपहृत युवक रौशन कुमार को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
व्हाट्सएप पर ‘लड़की’ बनकर रचा गया जाल
बरामदगी के बाद पुलिस पूछताछ में रौशन कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन-चार दिनों से व्हाट्सएप पर एक लड़की समझकर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहा था। मिलने के बहाने उसे बुलाया गया और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर अपहरण कर लिया गया। इसके बाद अपराधियों ने उसके मोबाइल का इस्तेमाल कर परिजनों को धमकाना शुरू किया और यूपीआई क्यूआर कोड भेजकर फिरौती मांगने लगे।

आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अपहरण में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।मोतिहारी police ने युवाओं से सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से बातचीत और मुलाकात के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पहचान और विश्वसनीयता की पूरी तरह जांच कर लें, ताकि इस तरह के साइबर और सोशल मीडिया आधारित अपराधों से बचा जा सके। मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट