सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने पर होगी कार्रवाई, राजस्व विभाग ने अधिकारियों को जारी किया निर्देश

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: Bihar Revenue and Land Reforms Department ने सरकारी कर्मचारियों के आचरण को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी सरकारी सेवक सोशल मीडिया या मीडिया के माध्यम से सरकार की नीतियों की आलोचना नहीं करेगा। ऐसा करना आचरण नियमावली का उल्लंघन माना जाएगा।

इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव C. K. Anil ने सभी अंचल अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों के जरिए सरकार की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पत्र में Bihar Government Servants Conduct Rules, 1976 के नियम 10 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी सेवक रेडियो प्रसारण, अखबार, लेख, पत्र या किसी सार्वजनिक मंच के माध्यम से ऐसा बयान नहीं दे सकता, जिससे केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों और कार्यों की आलोचना होती हो। साथ ही बिना पूर्व अनुमति के मीडिया संस्थानों से किसी प्रकार का संबंध रखने पर भी रोक लगाई गई है।

प्रधान सचिव ने यह भी बताया कि पिछले दो महीनों से उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha के “भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम” के दौरान कुछ राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया में प्रतिकूल टिप्पणियां किए जाने की जानकारी मिली है। यह कार्यक्रम 12 दिसंबर 2025 से प्रमंडलीय मुख्यालय जिलों में आयोजित किया जा रहा है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवकों द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के खिलाफ पोस्ट, वीडियो या रील साझा करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों को सरकारी सेवक के आचरण के विरुद्ध माना जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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