मनुस्मृति विवाद के बीच निरहुआ का राहुल गांधी को संदेश- किसी मुद्दे पर बोलने से पहले पढ़ें

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : भाजपा नेता और अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया दी है। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में निरहुआ ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी विषय पर बोलने से पहले उसके बारे में पढ़ना और पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुद्दे की जानकारी नहीं है तो उस पर बोलने से बचना चाहिए।
पहले मनुस्मृति पढ़ें, फिर बात करें’
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए निरहुआ ने कहा कि पहले उन्हें मनुस्मृति पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं होने पर उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए निरहुआ ने कहा कि उन्हें इस विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है और वह अपनी सीमित जानकारी को स्वीकार करते हैं। उन्होंने इसी आधार पर राहुल गांधी को भी किसी मुद्दे पर बोलने से पहले उसके बारे में अध्ययन करने की सलाह दी।
महंगाई पर बोले निरहुआ- सिर्फ चर्चा नहीं, कारणों पर भी बात हो
महंगाई के मुद्दे पर भाजपा नेता ने कहा कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से महंगाई बढ़ने की बातें सुनते आ रहे हैं। उनके मुताबिक, केवल महंगाई की चर्चा करने के बजाय इसके पीछे मौजूद कारणों पर भी विचार होना चाहिए। निरहुआ ने सीमित संसाधनों और बढ़ती आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि देश में संसाधन सीमित हैं, जबकि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। इससे संसाधनों पर दबाव बढ़ता है और इसका असर महंगाई पर भी पड़ सकता है।
चार लोगों का संसाधन 40 लोग इस्तेमाल करेंगे तो दबाव बढ़ेगा’
निरहुआ ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी संसाधन की उपलब्धता चार लोगों के लिए है और उसका इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो जाए तो दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि महंगाई को लेकर केवल शिकायत करने के बजाय जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
जनसंख्या नियंत्रण को बताया एक उपाय
भाजपा नेता ने जनसंख्या नियंत्रण को महंगाई और संसाधनों पर दबाव कम करने के संभावित उपायों में से एक बताया। उन्होंने सरकार की ओर से परिवार नियोजन और छोटे परिवार को लेकर चलाए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। निरहुआ ने कहा कि जब सरकार की ओर से दो बच्चों के परिवार की बात कही गई थी, तब विपक्ष के नेताओं ने इसका विरोध किया था। उनके अनुसार, जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में कदम उठाने से भविष्य में संसाधनों पर दबाव कम किया जा सकता है।
महंगाई कोई नई बात नहीं’
निरहुआ ने कहा कि महंगाई का मुद्दा नया नहीं है। 1990 के दशक की फिल्मों और गीतों में भी महंगाई का जिक्र देखने-सुनने को मिलता था। उन्होंने कहा कि कई दशकों से लोग महंगाई बढ़ने की बात करते आए हैं, इसलिए अब इस मुद्दे पर चर्चा करते समय इसके मूल कारणों और समाधान पर भी बात होनी चाहिए।

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