पेट्रोल-डीजल-LPG संकट के बीच बिहार में उठाया गया बड़ा कदम, DM-SP को सख्त निर्देश जारी

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों से आने वाली एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत में बड़ी मात्रा में गैस कतर से आती है, ऐसे में आपूर्ति में कमी की आशंका को देखते हुए कई जगहों पर गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

साथ ही वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव हो रहा है. इसका असर देश की पेट्रोलियम आपूर्ति पर भी पड़ सकता है.

इसी संभावित संकट को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए।

मंगलवार (10 मार्च 2026) को जारी निर्देश में कहा गया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में राज्य में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है, जिससे गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ने की आशंका है।

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों और संबंधित विक्रेताओं के आसपास लगातार निगरानी रखी जाए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक पुलिस बल तैनात किया जाए और जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा जिला प्रशासन को आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने के लिए भी कहा गया है, ताकि लोगों को सही जानकारी मिलती रहे और किसी तरह की अफवाह या घबराहट की स्थिति पैदा न हो।

बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम एहतियातन उठाया गया है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पर पड़ सकता है।

इसी को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के आसपास अतिरिक्त गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है कि कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी की सूचना मिले तो तुरंत कार्रवाई की जाए। बिहार में पहले भी पेट्रोल-डीजल की कमी के दौरान कालाबाजारी के मामले सामने आ चुके हैं, इसलिए इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।

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