NEWS PR डेस्क: पटना साहिब रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर सोमवार को मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली। ट्रेन का इंतजार कर रही एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह अपने पति के साथ प्लेटफॉर्म पर पहुंची ही थी कि दर्द असहनीय हो गया और हालात आपात स्थिति में बदल गया।
मौके पर मौजूद बछवाड़ा–बरौनी की दो महिला यात्रियों ने बिना समय गंवाए साहस और समझदारी का परिचय दिया। उन्होंने अन्य लोगों की मदद से प्लेटफॉर्म पर ही प्रसव की व्यवस्था संभाली और सुरक्षित डिलीवरी कराई। थोड़ी ही देर में महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रसव के बाद प्लेटफॉर्म पर रक्त फैल गया था और नवजात की साफ-सफाई भी तत्काल नहीं हो पाई थी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल—जीआरपी और आरपीएफ की महिला व पुरुष टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
रेलवे प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी सेवा को सूचित किया। करीब 25 मिनट के भीतर एंबुलेंस स्टेशन पहुंची। प्राथमिक उपचार देने के बाद मां और नवजात को सुरक्षित रूप से गिरिजा हॉस्पिटल भेजा गया। सुरक्षा कर्मी भी एंबुलेंस के साथ अस्पताल तक गए।
महिला के पति पिंटू ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
स्टेशन कर्मचारियों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी एक लावारिस महिला ने प्लेटफॉर्म पर बच्चे को जन्म दिया था, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता से स्थिति संभाली गई थी।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपात स्थिति में मानवता, साहस और त्वरित कार्रवाई किसी भी चुनौती को मात दे सकती है।