बगहा में चंपारण तटबंध टूटा, रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा गंडक का पानी; 5.43 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज से मचा हड़कंप ,

Muskan Gupta

बगहा पश्चिम चंपारण के बगहा से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। चखनी के खैरटवा में गंडक नदी का चंपारण तटबंध टूट गया है। बाढ़ के बीच नदी के तेज प्रवाह के कारण तटबंध टूटने के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। बांध टूटने के बाद गंडक नदी का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर फैल रहा है।

तेज बहाव के बीच टूटा तटबंध

बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी का भारी डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद गंडक नदी के जलस्तर और तेज बहाव का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान चखनी के खैरटवा के पास चंपारण तटबंध का बांध टूट गया।

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की टीम स्थिति का जायजा ले रही है और पानी के फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा पानी

बांध टूटने के बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घर और सामान को सुरक्षित करने में जुटे हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से भी हालात पर नजर रखी जा रही है।

जल संसाधन विभाग की कार्यशैली पर सवाल

तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर तटबंध की सुरक्षा और निगरानी को लेकर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, तटबंध टूटने के वास्तविक कारणों और विभागीय स्तर पर जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने तटबंध टूटने की पुष्टि की है। फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इलाके में नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट ;-

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