NEWS PR डेस्क:बिहार सरकार ने प्रॉपर्टी डीलरों, रियल एस्टेट कारोबारियों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने का फैसला किया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में 29 जुलाई को संकल्प जारी कर नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है।

विभाग के अनुसार, राज्य में प्रस्तावित 11 ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को लेकर पहले जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, विकास कार्य और भवन निर्माण पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। यह फैसला संबंधित क्षेत्रों के मास्टर प्लान तैयार किए जाने की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के उद्देश्य से लिया गया था।

इन शहरों में लगी थी रोक
सरकार ने पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान 31 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी।वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में आयोजन क्षेत्र के विस्तार और मास्टर प्लान को अधिसूचित करने के लिए 30 जून 2027 तक भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, विकास कार्य और भवन निर्माण पर प्रतिबंध लगाया गया था।

पहले भी दी गई थी आंशिक राहत
सरकार ने 19 जून 2026 को भू-स्वामियों को अंतरिम राहत देते हुए यह अनुमति दी थी कि वे अपनी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड को बेच सकते हैं। इसके लिए आवास बोर्ड को भूमि खरीदने के लिए अधिकृत किया गया था। इसी दौरान सैटेलाइट शहरों के मास्टर प्लान और विकास योजनाओं को अंतिम रूप देने का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ाया गया।

अब क्या बदलेगा?
नगर विकास विभाग ने माना है कि विकास योजनाओं के अंतिम प्रकाशन के बाद जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक बनाए रखने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए अधिसूचित सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया गया है।
सैटेलाइट शहरों के विकास को गति देने के लिए सरकार ने विकास योजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया है। इसी क्रम में निर्णय लिया गया है कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए अधिसूचित क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक को विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के साथ ही वापस लेने का निर्णय लिया गया है ।
नगर विकास विभाग के संकल्प में स्पष्ट किया गया है कि सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने से विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था के तहत भूमि से जुड़े लेन-देन को नियंत्रित नियमों के अनुसार संचालित किया जा सकेगा और सैटेलाइट शहरों के विकास की प्रक्रिया भी सुचारु रूप से जारी रहेगी।
सरकार के नए फैसले की प्रमुख बातें
1- ग्रीन फील्ड सैटेलाइट शहरों में विकास योजना की अंतिम प्रकाशन के बाद भूमि के क्रय विक्रय हस्तांतरण पर लगी रोक हटा ली जाएगी ।
2- यदि विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के पूर्व तथा प्रारूप प्रकाशन के बाद भूमि क्रय विक्रय, हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने से कोई व्यावहारिक व्यवधान नहीं हो तो प्रारूप प्रकाशन के बाद ही क्रय विक्रय पर लगी रोग हटा सकेगा। बिहार नगर विकास प्राधिकरण रोक को हटा सकता है
3-भूमि विकास एवं भवन निर्माण उक्त प्राधिकरण द्वारा विकास योजना एवं सम्बद्ध विकास विनियमन के अधीन नियंत्रित किया जासकेगा । इस आलोक में ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप क्षेत्र में भूमि के क्रय विक्रय हस्तांतरण की स्वीकृति दे दी गई है।
जमीन मालिकों और रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा लाभ
सरकार के इस फैसले से सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन खरीदने और बेचने का रास्ता फिर से खुल जाएगा। इससे लंबे समय से प्रभावित भू-स्वामियों, प्रॉपर्टी डीलरों और रियल एस्टेट क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, विकास योजनाओं के अनुरूप इन क्षेत्रों में नियोजित शहरी विकास को भी गति मिलेगी।
