NEWS PR डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 4 मई का दिन अहम मोड़ लेकर आया, जब उत्तर 24 परगना की पानीहाटी विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने बड़ी जीत दर्ज की। साल 2011 से इस सीट पर काबिज तृणमूल कांग्रेस को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव आयोग द्वारा सभी 13 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद रत्ना देबनाथ की जीत की आधिकारिक घोषणा की गई। उन्होंने 87,977 वोट हासिल किए, जबकि तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष 59,141 वोटों पर सिमट गए। इस तरह रत्ना ने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, CPI(M) के उम्मीदवार कलतन दासगुप्ता काफी पीछे रहे और उन्हें 24,032 वोट मिले।

रत्ना देबनाथ का राजनीतिक सफर व्यक्तिगत त्रासदी से जुड़ा रहा है। वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज की उस डॉक्टर की मां हैं, जिनके साथ हुई घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और इसे महिलाओं की सुरक्षा से जोड़ते हुए जनता के बीच एक भावनात्मक और नैतिक अपील पेश की।
उन्होंने अपने अभियान में बार-बार कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि न्याय और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। उनके इस संदेश ने मतदाताओं, खासकर महिलाओं पर गहरा असर डाला।
चुनावी अभियान के दौरान रत्ना ने विपक्षी कार्यकर्ताओं पर डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए, लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों के बीच अपने अभियान को जारी रखा। उनका कहना था कि जनता अब बदलाव चाहती है और यह चुनाव उसी का संकेत है।