NEWS PR डेस्क:भागलपुर के सबौर प्रखंड अंतर्गत रजंदीपुर पंचायत के बाबूपुर गांव के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बड़ी मांग की है। ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर बाबूपुर गंगा घाट से जहाज के माध्यम से मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक लगाने और गंगा किनारे हो रही कथित अवैध मिट्टी कटाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि बाबूपुर गांव घनी आबादी वाला क्षेत्र है और घाट तक पहुंचने वाली सड़क काफी संकरी है। ऐसे में भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्कूली बच्चों और आपात सेवाओं पर असर का दावा
ग्रामीणों के अनुसार, भारी वाहनों के परिचालन से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और आम राहगीरों को होती है। उन्होंने बताया कि यही सड़क स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के आवागमन का भी मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए घाट से मालवाहक वाहनों के संचालन की व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
गंगा कटाव और मिट्टी कटाई को लेकर जताई चिंता
आवेदन में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि बाबूपुर गांव पहले से ही गंगा कटाव से प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में गंगा नदी आबादी से करीब 100 मीटर की दूरी तक पहुंच चुकी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गंगा किनारे से कथित रूप से अवैध तरीके से मिट्टी काटकर दूसरे स्थानों पर बेची जा रही है, जिससे कटाव का खतरा और बढ़ सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाबूपुर घाट से मालवाहक वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए और कथित अवैध मिट्टी कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
