NEWS PR डेस्क: बिहार के सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार बुधवार को अहम मंथन करने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में बिहार सहित सीमा से जुड़े राज्यों की सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बैठक का उद्देश्य सीमा प्रबंधन को मजबूत करना और अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय में शाम 6 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP), सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) और जिलाधिकारी (DM) शामिल होंगे। पटना से मुख्य सचिव और गृह सचिव भी बैठक में भाग लेंगे, जबकि कई जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
बैठक में बिहार के नेपाल सीमा से सटे जिलों—अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।

गृह मंत्रालय सीमा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करेगा। इनमें भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी, अवैध घुसपैठ की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, सीमा पार संचालित संगठित अपराध, पुलिस-प्रशासन के बीच समन्वय और खुफिया तंत्र को मजबूत बनाने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
बताया जा रहा है कि हाल के समय में सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। ऐसे में इस बैठक में राज्यों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
नेपाल से लगने वाली खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा के कारण बिहार के सीमावर्ती जिले लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में इस बैठक को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर नए निर्देश और रणनीति सामने आने की भी संभावना है।
