भागलपुर: वीर जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, नीरज कुमार की शहादत ने सभी को किया भाव-विभोर

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: भागलपुर, 22 मार्च। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवान नीरज कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सबौर मिर्जापुर पहुंचते ही पूरा गांव शोक और गर्व के भाव से एक साथ डूब गया। हर आंख नम थी और हर दिल भारी था, लेकिन साथ ही अपने लाल की शहादत पर गर्व भी झलक रहा था।

बताया जा रहा है कि नीरज कुमार भोपाल में आर्मी मेडिकल कोर के हवलदार थे। 16 मार्च को बाइक से ड्यूटी पर आर्मी अस्पताल जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक पिछल गया और खाई में गिर गए। स्थानिय लोगों और आर्मी जवान की मदद से इलाज के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 20 मार्च को उनकी मौत हो गई।

गांव में उमड़ी भारी भीड़ और शोक की लहर

जैसे ही सेना के जवानों की गाड़ी गांव में दाखिल हुई, लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने को आतुर था। घर के बाहर माता, पत्नी, छोटे-छोटे दो बच्चे और परिवारजन रोते-बिलखते दिखाई दिए। माता बार-बार बेहोश हो रही थीं, जबकि पत्नी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बच्चों को शायद अभी पूरी तरह समझ नहीं था कि उनके पिता अब कभी लौटेंगे नहीं।

पार्थिव शरीर का सम्मान और देशभक्ति का नजारा

पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर घर के आंगन में लाया गया, जहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सबौर थाना और औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना जीरो माइल पुलिस के जवानों के साथ सेना ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम सलामी दी। जवानों ने हथियार झुकाकर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

बचपन से देशभक्ति की भावना

गांव के बुजुर्गों ने बताया कि नीरज कुमार बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। उनका सपना था कि वह सेना में जाकर देश की सेवा करें। उनकी शहादत ने पूरे गांव को गौरवान्वित किया और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

शहीद की अंतिम यात्रा में सबौर थाना की पुलिस और औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना जीरो माइल पुलिस जुलूस के साथ मौजूद रही, जिससे जमीनी स्तर पर सुरक्षा और शांति बनी रही। पूरे गांव में भावुकता और देशभक्ति का मिश्रित माहौल देखने को मिला।

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