NEWS PR डेस्क:आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित सहयोग शिविर में ही जिम्मेदार अधिकारी की कथित अनुपस्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत परशुरामपुर पंचायत में सोमवार को आयोजित सहयोग शिविर में कार्यक्रम पदाधिकारी मुरलीधर मोदी के नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।

शिविर में पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर नारायण, कृषि पदाधिकारी सुमन कुमार और कार्यक्रम पदाधिकारी मुरलीधर मोदी की प्रतिनियुक्ति की गई थी। हालांकि, पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर नारायण के अवकाश पर रहने की जानकारी दी गई, जबकि कार्यक्रम पदाधिकारी मुरलीधर मोदी के शिविर में अनुपस्थित रहने को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए गए। मौके पर केवल कृषि पदाधिकारी सुमन कुमार मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
परशुरामपुर पंचायत के मुखिया आशुतोष कुमार उर्फ पवन यादव ने कहा कि अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लगी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों की ऐसी उदासीनता बनी रही तो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा।
फोन पर नहीं मिला जवाब
कार्यक्रम पदाधिकारी मुरलीधर मोदी का पक्ष जानने के लिए उनसे दो बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया। इस कारण उनकी अनुपस्थिति के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल
गौरतलब है कि बिहार सरकार द्वारा सहयोग शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में शिविर में अधिकारियों की कथित अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट
