सीमांचल को मिली बड़ी सौगात, किशनगंज में शुरू हुआ पहला सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क:सीमांचल क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है। किशनगंज के मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में सीमांचल के पहले सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल का शुभारंभ किया गया है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले को शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है।
इस सैनिक स्कूल में छात्रों को विद्या भारती की शिक्षा पद्धति के साथ-साथ सैन्य अनुशासन, शारीरिक प्रशिक्षण और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।


NDA और CDS की तैयारी पर विशेष जोर
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यहां छात्रों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा देने के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग, परेड, एनसीसी गतिविधियां और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सीमांचल क्षेत्र के युवाओं को एनडीए, सीडीएस और भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए तैयार करना है।
अब जिले में मिलेगा सैन्य शिक्षा का माहौल
सैनिक स्कूल की शुरुआत से सीमांचल के बच्चों को अब सैन्य शिक्षा और अनुशासन का माहौल अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेगा। इससे उन अभिभावकों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें पहले अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में भेजना पड़ता था। स्कूल से जुड़े लोगों ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलने से यहां के युवा देश सेवा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
किशनगंज बनेगा शिक्षा और राष्ट्र रक्षा की पाठशाला
सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल की शुरुआत को क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह संस्थान सीमांचल के हजारों युवाओं को सेना में जाने के सपने को पूरा करने का अवसर प्रदान करेगा। अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किशनगंज अब शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र रक्षा की तैयारी का भी केंद्र बनेगा।किशनगंज से मशरूर रईस की रिपोर्ट

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