भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: शाहपुर थानाध्यक्ष निलंबित, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

एनकाउंटर विवाद के बाद पुलिस विभाग का बड़ा कदम, जांच के साथ जवाबदेही तय करने की कवायद तेज

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शाहपुर थाना के थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बेलौटी गांव में पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानने से जुड़े वायरल वीडियो मामले में समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाने और स्थिति को नियंत्रित करने में कथित विफलता के आरोप में की गई है।


पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि मामले की समीक्षा के दौरान थानाध्यक्ष की ओर से गंभीर लापरवाही सामने आई। स्थिति संवेदनशील होने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर चूक माना गया। इसी आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया गया है। मामले की विस्तृत जांच भी जारी है।
परिजनों ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप
दूसरी ओर, मृतक भरत तिवारी के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया है। मृतक के पिता का आरोप है कि भरत ने अपना हथियार फेंक दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उस पर गोली चला दी। परिजनों का दावा है कि भरत को चार गोलियां लगी थीं।
सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
घटना के विरोध में ग्रामीणों और परिजनों ने शव के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया तथा मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। सूत्रों के अनुसार, मामले में एक दारोगा, एक एएसआई और कुछ सिपाहियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। आरा से आकाश कुमार की रिपोर्ट

Share This Article