बिहार के शिक्षकों को बड़ी राहत: अब जिला और प्रखंड स्तर पर लगेगा जनता दरबार, स्थानीय स्तर पर होगा शिकायतों का निपटारा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 09 जून। बिहार के शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब राज्य मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। इसके तहत जिला और प्रखंड स्तर पर जनता दरबार आयोजित कर शिक्षकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि शिक्षकों की शिकायतों का निपटारा उनके कार्यस्थल के नजदीक ही किया जाए, ताकि उन्हें बार-बार पटना आने की जरूरत न पड़े और स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य भी प्रभावित न हो।

स्थानीय स्तर पर होगी सुनवाई

नई व्यवस्था के तहत निर्धारित तिथियों पर जिला और प्रखंड स्तर पर जनता दरबार आयोजित किए जाएंगे। इन जनता दरबारों में वेतन भुगतान, सेवा संबंधी मामलों और अन्य प्रशासनिक समस्याओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई और समाधान किया जाएगा। हालांकि, स्थानांतरण (ट्रांसफर) से जुड़े मामलों को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है।

मुख्यालय पहुंच रही थीं बड़ी संख्या में शिकायतें

विभागीय समीक्षा में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में शिक्षक अपनी शिकायतों को लेकर सीधे राज्य मुख्यालय पहुंच रहे थे। इससे न केवल शिक्षकों को समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, बल्कि विभागीय कार्यों पर भी अतिरिक्त दबाव बन रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने का निर्णय लिया गया।

ई-शिक्षाकोष पोर्टल रहेगा सक्रिय

शिक्षकों के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। पोर्टल पर विकसित ‘ग्रीवांस मॉड्यूल’ के माध्यम से शिक्षक अपनी लॉगिन आईडी का उपयोग कर विभिन्न प्रकार की शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

विभाग के अनुसार, पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा प्रत्येक मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक बैठक में की जाती है। हालांकि, समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जिला स्तर पर अब भी कई शिकायतें लंबित हैं, जिसके कारण नई एसओपी लागू करने की आवश्यकता महसूस की गई।

जिलों को दिए गए विशेष निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जनता दरबार, ई-शिक्षाकोष पोर्टल और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। विभाग का मानना है कि इससे शिक्षकों की परेशानियां कम होंगी, मुख्यालय पर निर्भरता घटेगी और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

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