पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों को बड़ी राहत, सभी 5 एयरोब्रिज हुए चालू

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : पटना एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब फ्लाइट में चढ़ते समय न तो तेज धूप परेशान करेगी और न ही बारिश में भीगने की मजबूरी होगी। जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी पांचों एयरोब्रिज पूरी तरह से चालू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही यात्रियों को टर्मिनल से सीधे विमान तक पहुंचने की सुविधा मिल रही है।

पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों को अब भीड़भाड़ से राहत मिलने वाली है। नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल भवन में सभी पांचों पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज यानी एयरोब्रिज पूरी तरह से संचालित कर दिए गए हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से हरी झंडी मिलने के बाद 31 जनवरी से चौथे और पांचवें एयरोब्रिज को भी यात्रियों के लिए खोल दिया गया।

चौथे एयरोब्रिज की शुरुआत दिल्ली से पटना पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1746 के साथ हुई। यह विमान 178 यात्रियों को लेकर पार्किंग बे नंबर 10 पर उतरा और सीधे बोर्डिंग गेट नंबर 12 से जोड़ा गया। इसके बाद पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुई फ्लाइट AI-1819 ने 177 यात्रियों के साथ उड़ान भरी, जिससे नई व्यवस्था की सुचारु शुरुआत हुई।

इसी क्रम में, पांचवें पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज का संचालन इंडिगो की उड़ान 6E-6549 के माध्यम से शुरू किया गया। यह फ्लाइट दिल्ली से पटना आई, जिसमें कुल 175 यात्री सवार थे, और इसे बे नंबर 6 पर खड़ा किया गया। विमान को बोर्डिंग गेट संख्या 12A से जोड़ा गया। इसके बाद, वापसी की उड़ान 6E-6550 पटना से दिल्ली के लिए रवाना हुई, जिसमें 178 यात्री थे। इस सफल संचालन के साथ पांचवें पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज के कमीशन होने की औपचारिक पुष्टि हो गई।

एयरपोर्ट डायरेक्टर चंद्र प्रताप द्विवेदी ने बताया कि अब एयरपोर्ट के सभी पांच एयरोब्रिज पूरी तरह से चालू हो चुके हैं। इसके चलते टर्मिनल से विमान तक यात्रियों को सीधे और मौसम से सुरक्षित पहुंच मिल सकेगी, जिससे अधिक उड़ानों का संचालन संभव होगा। उन्होंने कहा कि इस अपग्रेड से यात्रियों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुगम होगी, बोर्डिंग और डीबोर्डिंग में लगने वाला समय घटेगा, टर्मिनल के भीतर भीड़ नियंत्रण बेहतर होगा और कुल मिलाकर यात्रियों का सफर अनुभव सुधरेगा। यह सुविधा विशेष रूप से परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और सीमित गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी।

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