बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में “नो व्हीकल डे” का आयोजन, साइकिल और पैदल चलने का दिया संदेश

नो व्हीकल डे से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सबौर विश्वविद्यालय में दिखी साइकिल और पैदल की रौनक

Rashmi Tiwari
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भारत सरकार और माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुपालन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आज “No Vehicle Day” मनाया गया। इस विशेष पहल के तहत विश्वविद्यालय परिसर में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहां कुलपति, अधिष्ठाता, निदेशक, शिक्षक एवं कर्मचारी सभी साइकिल या पैदल चलकर अपने कार्यालय पहुंचे।


कुलपति ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति ने कहा कि साइकिल चलाना और पैदल चलना न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह देश के आर्थिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डीजल और पेट्रोल जैसे ईंधनों की बढ़ती खपत और सीमित उपलब्धता को देखते हुए ईंधन संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। छोटी दूरी के लिए वाहनों के बजाय साइकिल या पैदल चलने की आदत अपनाकर हम प्रदूषण को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

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“स्वस्थ जीवनशैली की ओर एक कदम”
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में “No Vehicle Day” मनाने का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री के आह्वान को जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना है।
नियमित आदत बनाने की अपील
उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से अपील की कि सभी लोग नियमित रूप से साइकिल चलाने और पैदल चलने की आदत अपनाएं, ताकि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में योगदान दिया जा सके। पूरा विश्वविद्यालय परिसर आज पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता का संदेश देता नजर आया। यह पहल छात्रों और कर्मचारियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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