NEWS PR डेस्क: पटना, 27 जुलाई। 25 जुलाई को छात्र संगठनों के बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने राज्यभर में सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक पटना समेत कई जिलों में 21 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 450 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है, इसलिए आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
सबसे बड़ी कार्रवाई सीवान में देखने को मिली, जहां प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग करने वाले एक पुलिस जवान को निलंबित कर दिया गया। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पटना में दर्ज दो मामलों में 139 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इनमें 30 छात्राओं और लगभग 45 नाबालिगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। वहीं सारण में चार मामलों में 58, सीवान में तीन मामलों में 25, मुजफ्फरपुर में दो मामलों में 15, सीतामढ़ी में चार मामलों में 13 और किशनगंज में एक मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इसके अलावा भागलपुर से 41, कटिहार से 23, मधेपुरा से 7, औरंगाबाद और बेगूसराय से 5-5, सहरसा से 4 तथा लखीसराय से एक गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है। अन्य जिलों में भी करीब 100 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों पर पुलिसकर्मियों पर हमला, जानलेवा हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सड़क जाम करने और आम लोगों के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इधर, जन शक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव को भी इसी मामले में गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया है। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है। सोमवार को उनकी ओर से जमानत याचिका दाखिल किए जाने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि NEET पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में पटना के गांधी मैदान के पास प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसका नेतृत्व तेज प्रताप यादव कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पथराव और झड़प हुई। इस हिंसा में गांधी मैदान थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने इसी मामले में तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार किया है।
