NEWS PR डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 17 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, न्याय, नगर विकास, पर्यटन और गृह विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार व विकास की गति बढ़ाने से जुड़ा है।
19 जिलों में खुलेंगे एससी-एसटी के विशेष न्यायालय
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। इन न्यायालयों के संचालन के लिए 171 अराजपत्रित पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा पूर्णिया, भागलपुर और गया में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों में 27 पद सृजित किए जाएंगे।
राजगीर में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
खेल के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है। राजगीर खेल अकादमी में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। यहां खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस, चोट से बचाव और बेहतर प्रदर्शन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
16 मेडिकल कॉलेजों के संचालन को PPP मॉडल की मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य के 16 मेडिकल कॉलेजों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।

जलापूर्ति योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत
अमृत-2.0 योजना के तहत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये और मुंगेर जलापूर्ति योजना के पहले चरण के लिए 177.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं से शहरी क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
गृह, शिक्षा और समाज कल्याण से जुड़े फैसले
नवादा में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना के लिए सरकारी भूमि गृह विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। पूर्वी चंपारण में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की भी मंजूरी दी गई। समाज कल्याण विभाग के बाल संरक्षण गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए सालाना 14.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके साथ ही बिहार आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली-2026 को स्वीकृति दी गई। बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में छह नए पद सृजित करने का फैसला लिया गया। सरकार ने वर्ष 2026 के ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की है।
कैबिनेट के फैसलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय के पुनर्गठन, शहरी विकास और अन्य विभागों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।