NEWS PR डेस्क: पटना, 20 मई। बुधवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में उद्योग, जल संसाधन, पंचायत राज, गृह, राजस्व, नागरिक उड्डयन और विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।
कैबिनेट बैठक में उद्योग विभाग के तहत नालंदा स्थित मेसर्स पटेल वेयरहाउसिंग प्रा. लि. और कैमूर जिले की मेसर्स ईएमएसईवी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली-2016 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन क्लियरेंस की स्वीकृति दी गई।
जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव के तहत गया जिले के डोभी प्रखंड में आईआईएम गया के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जलाशय निर्माण एवं अन्य कार्यों हेतु 428.083 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए प्राप्त हेल्थ सेक्टर ग्रांट मद में बिहार आकस्मिकता निधि से 747 करोड़ 97 लाख 64 हजार रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई।
वित्त विभाग के प्रस्ताव के तहत पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े प्रस्तावों में बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 53 अतिरिक्त पदों के सृजन और युवा प्रोफेशनल्स (Young Professionals) चयन नीति-2026 को मंजूरी दी गई।
गृह विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य की अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विशेष शाखा में आईजी बॉर्डर के एक नए पद के सृजन को स्वीकृति दी गई। वहीं वामपंथी उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए एसटीएफ में 50 दक्ष पुलिसकर्मियों को अधिकतम 15 वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर रखने की अनुमति दी गई।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तहत अरवल, औरंगाबाद और सहरसा जिलों में खेल परिसरों और आउटडोर स्टेडियम निर्माण के लिए सरकारी भूमि के नि:शुल्क अंतर्विभागीय हस्तांतरण को मंजूरी दी गई।
नागरिक उड्डयन विभाग के प्रस्ताव में बिहार में नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्क बढ़ाने की नीति के तहत इंडिगो एयरलाइंस को गया-बैंकॉक मार्ग पर नॉन-स्टॉप सेवा के लिए अधिकतम 10 करोड़ 40 लाख रुपये तक की Viability Gap Funding स्वीकृत की गई।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, सुरक्षा और खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।