NEWS PR डेस्क : पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने सामूहिक अनशन-सत्याग्रह किया। नौतन प्रखंड में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस अनशन का शुक्रवार को दूसरा दिन रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के कथित ‘बुलडोजर राज’ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए गरीबों, मजदूरों और भूमिहीनों के मुद्दे उठाए।
गरीबों के घर उजाड़ने का लगाया आरोप
अनशन को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला नेता सुरेंद्र चौधरी ने भाजपा सरकार पर गरीब विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में गरीबों का जीवन लगातार मुश्किल होता जा रहा है। उनके मुताबिक, हजारों गरीबों के घर उजाड़े गए हैं और लाखों लोगों से जमीन और आवास छीनने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। मनरेगा को कमजोर किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का संकट और बढ़ गया है। रोजगार की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
महंगाई और रोजगार का मुद्दा उठाया
सुरेंद्र चौधरी ने महंगाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। आर्थिक तंगी के कारण गरीब परिवार अपने बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने की मांग
अनशन के दौरान खेग्रामस नेता भरत शर्मा ने भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन का पर्चा देने की मांग की। उन्होंने गरीबों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने की भी मांग सरकार के सामने रखी। वहीं रविंद्र राम ने राशन सूची से गरीबों के नाम काटे जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। पलट मियां ने अकुशल मजदूरों की मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग उठाई।

प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और शिक्षा का मुद्दा
अनशन में नैना देवी ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। असलम अंसारी ने शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने सरकारी विद्यालयों को नवोदय विद्यालय के स्तर पर विकसित करने की बात कही, ताकि गरीब और आम परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके।
यूरिया की कालाबाजारी रोकने की मांग
वहीं सुभाष सहनी ने किसानों से जुड़े मुद्दे को उठाते हुए यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि उन्हें खेती के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सामूहिक अनशन-सत्याग्रह के दौरान भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे और गरीबों, मजदूरों, भूमिहीनों, किसानों तथा प्रवासी मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
पश्चिम चंपारण से रिपोर्टर : मोहम्मद इम्तियाज