बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए नई डिजिटल गाइडलाइन, सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त नियंत्रण

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 12 अप्रैल। बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए डिजिटल व्यवहार को लेकर सरकार ने कड़े नियम लागू कर दिए हैं। नई “सरकारी सेवक आचार नियमावली 2026” के तहत अब कर्मचारी सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियों को लेकर पूरी तरह नियंत्रित रहेंगे।

सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अब सार्वजनिक मंचों पर सरकार की नीतियों, योजनाओं या प्रशासनिक फैसलों पर व्यक्तिगत राय व्यक्त नहीं कर सकेगा। यहां तक कि न्यायालयों के फैसलों पर टिप्पणी करना भी नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत सांकेतिक विरोध के तरीकों पर भी रोक लगा दी गई है। सोशल मीडिया पर प्रोफाइल फोटो या डीपी बदलकर किसी मुद्दे का समर्थन या विरोध जताना अब अनुशासनहीनता माना जाएगा। किसी राजनीतिक दल के प्रतीक, नारे या संगठन के समर्थन में डिजिटल गतिविधि करना सीधे कार्रवाई को आमंत्रण दे सकता है।

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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल व्यक्तिगत जरूरतों तक सीमित रहेगा। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन बहस, ट्रोलिंग या अभद्र टिप्पणी, खासकर महिलाओं के खिलाफ, कड़ी सजा का कारण बनेगी।

इसके साथ ही, कार्यालय से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। सरकारी फाइलों की तस्वीर साझा करना, बैठकों का लाइव प्रसारण करना या किसी भी संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

डिजिटल कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए भी अब विभागीय अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कर्मचारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई, विभागीय जांच और अन्य दंडात्मक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य प्रशासनिक मर्यादा बनाए रखना और डिजिटल माध्यमों पर जिम्मेदार व्यवहार सुनिश्चित करना है। इस फैसले के साथ ही सरकारी कर्मचारियों के निजी और आधिकारिक दायित्वों के बीच की सीमा पहले से अधिक स्पष्ट और सख्त हो गई है।

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