अब 37 लाख तक की गाड़ी में चलेंगे बिहार के मंत्री, अधिकारियों के लिए भी बढ़ी लिमिट

Amit Singh

पटना, 29 मार्च। बिहार में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने समय के साथ बढ़ती कीमतों और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी वाहनों की खरीद सीमा में इजाफा कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अधिकारियों को पहले की तुलना में ज्यादा महंगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस गाड़ियां उपलब्ध हो सकेंगी।

नई व्यवस्था के तहत मंत्रियों के लिए वाहन खरीद की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 37 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं जिलाधिकारी (DM) स्तर के अधिकारियों के लिए यह सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 22 लाख रुपये और पुलिस अधीक्षक (SP) के लिए 16 लाख से बढ़ाकर 18 लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा निचले स्तर के अधिकारियों के लिए भी वाहन खरीद की सीमा बढ़ाकर 16 लाख रुपये कर दी गई है।

सरकार ने इस व्यवस्था को पांच अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है, ताकि अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और जरूरतों के अनुरूप वाहन उपलब्ध कराए जा सकें। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया, जिसके बाद वित्त विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

सरकार का तर्क है कि मौजूदा समय में वाहनों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है और नई तकनीक से लैस सुरक्षित एवं बेहतर वाहनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। ऐसे में पुरानी सीमा व्यावहारिक नहीं रह गई थी। नई व्यवस्था से अधिकारियों को फील्ड में काम करने में सहूलियत मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित व आरामदायक होगी।

हालांकि, इस फैसले को लेकर विपक्ष और कुछ सामाजिक वर्ग सवाल भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह सरकारी खर्च में अनावश्यक बढ़ोतरी और विलासिता को बढ़ावा देने जैसा कदम है।

फिलहाल, इस निर्णय के बाद आने वाले समय में सड़कों पर सरकारी वाहनों की तस्वीर बदलती नजर आ सकती है, जहां पारंपरिक गाड़ियों की जगह अधिक प्रीमियम और उन्नत मॉडल देखने को मिल सकते हैं।

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