बिहार-एनडीएमए की उच्चस्तरीय बैठक: आपदा प्रबंधन में तकनीक और समन्वय पर जोर

Jyoti Sinha
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पटना, 8 अगस्त 2025 -बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के बीच आज एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने की।

इस अवसर पर सदस्य पी.एन. राय, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार तथा प्राधिकरण के सचिव श्री मोहम्मद वारिस खान की गरिमामयी उपस्थिति रही।बैठक में NDMA के प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय भागीदारी की, जिसमें प्रमुख रूप से लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव कुमार शाही (संयुक्त सलाहकार), विवेक जायसवाल (अवर सचिव) और श्री अनुज तिवारी (वरिष्ठ सलाहकार) शामिल हुए। इन अधिकारियों ने BSDMA की नवीन पहलों, नवाचारों एवं जमीनी क्रियान्वयन की खुले दिल से सराहना की।बैठक में राज्य और केंद्र के मध्य समन्वय, आपदा से पूर्व तैयारी, समयबद्ध प्रतिक्रिया प्रणाली और तकनीकी दक्षता को और सशक्त बनाने पर व्यापक चर्चा हुई। बिहार में आपदा प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रयासों और BSDMA की प्रमुख उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि राज्य ने न केवल संस्थागत ढांचे को मज़बूत किया है, बल्कि जमीनी स्तर तक आपदा-प्रबंधन की पहुंच को भी सुदृढ़ किया है। इनमें खासतौर पर निम्न उपलब्धियां उल्लेखनीय रहीं:

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राज्य के सभी जिलों में एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती एवं स्थानीय प्रशिक्षण सुविधाओं की व्यवस्था, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में बड़ा सुधार आया है।

• अत्याधुनिक स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) की स्थापना, जो किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय और समन्वय का केंद्र बन चुका है.

गया एयरपोर्ट सहित विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर मॉक ड्रिल का सफल आयोजन, जिससे वास्तविक आपात स्थितियों के लिए टीमों की तत्परता और प्रभावशीलता की परख हो सकी।

• ‘सुरक्षित शनिवार’, ‘सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम’, बोट एम्बुलेंस और ड्रोन रेस्क्यू ऑपरेशन जैसी जन-जागरूकता आधारित अभिनव पहलें, जिनके माध्यम से आपदा प्रबंधन को समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है।बैठक में यह भी स्पष्ट रूप से सामने आया कि राज्य स्तर पर तकनीकी दक्षता और विभागीय समन्वय लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं, जिससे इन पहलों को ब्लॉक और ग्राम स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा रहा है। इस दिशा में रेलवे, वायुसेना, थलसेना, भारतीय मौसम विभाग (IMD), केंद्रीय जल आयोग (CWC), NDRF, SDRF, सिविल डिफेंस, नेहरू युवा केंद्र जैसे विविध संस्थानों और विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत किया गया है।NDMA के अधिकारियों ने डिजास्टर रिस्क रिडक्शन में BSDMA के अभिनव प्रयोगों जैसे मल्टी-हैज़र्ड असेसमेंट, डेटा माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन तकनीक की प्रशंसा करते हुए बिहार को तकनीक-आधारित मॉडल के रूप में अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

बैठक में ज़िला आपदा प्रबंधन योजना (DDMP) के त्वरित एवं नियमित अद्यतन की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही नेपाल से संभावित बाढ़ जल के समयपूर्व पूर्वानुमान और सूचना को जिलों तक शीघ्रता से पहुँचाने हेतु CWC और IMD के साथ डेटा साझाकरण प्रणाली को सुदृढ़ करने पर भी सहमति बनी।बैठक में रणनीतिक समीक्षा और नीति-निर्माण के समन्वय के साथ बिहार में व्यावहारिक, वैज्ञानिक और सहभागी दृष्टिकोण पर आधारित एक सशक्त आपदा प्रबंधन ढांचे की दिशा में सार्थक पहलों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही BSDRN एवं IDRN एप्प को एकीकृत करने पर विचार किया गया।

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