BSEB 10th Result: स्टेट टॉपर पुष्पांजलि की सफलता की कहानी, साइंटिस्ट बनने का सपना

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 30 मार्च। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने रविवार को मैट्रिक परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया, जिसमें इस बार 81.79 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। परिणाम में एक बार फिर छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 51.33 प्रतिशत सफलता दर्ज की, जबकि छात्रों का प्रतिशत 48.66 रहा।

इस वर्ष जमुई की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने 500 में 492 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से राज्य टॉपर का स्थान प्राप्त किया। वहीं बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना 489 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर बक्सर की अनूपा कुमारी और बेगूसराय के ओमकार कुमार रहे, जिन्हें 488 अंक प्राप्त हुए।

टॉपर्स की सूची में औरंगाबाद जिले का दबदबा देखने को मिला, जहां से सबसे अधिक 14 छात्र शामिल हैं, जबकि बेगूसराय के 13 छात्रों ने भी शीर्ष सूची में जगह बनाई। सुपौल के राजदीप कुमार और अररिया के सुमित कुमार यादव ने 485 अंक हासिल कर राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया। खास बात यह है कि दोनों साधारण परिवारों से आते हैं—राजदीप के पिता साइकिल की दुकान चलाते हैं, जबकि सुमित के पिता दूसरे राज्यों में मजदूरी करते हैं।

स्टेट टॉपर पुष्पांजलि कुमारी की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली पुष्पांजलि के पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि विज्ञान और गणित में रुचि होने के कारण वह आगे चलकर वैज्ञानिक बनना चाहती हैं।

पुष्पांजलि ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह रोजाना 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई करती थीं और सेल्फ स्टडी पर विशेष ध्यान देती थीं। परीक्षा नजदीक आने पर उन्होंने अपने अध्ययन का समय और बढ़ा दिया और सभी विषयों पर समान फोकस रखा।

उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता के स्कूल, मध्य विद्यालय भगवानपुर (बांका) से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई सिमुलतला आवासीय विद्यालय से की, जहां उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण और मार्गदर्शन मिला।

पुष्पांजलि की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगन और सही दिशा में प्रयास से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

Share This Article