बिहार में उत्तर-दक्षिण सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए नारायणी-गंगा हाईस्पीड कॉरिडोर की योजना

Patna Desk

बिहार में उत्तर और दक्षिण के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए एक नया ग्रीनफील्ड हाईस्पीड कॉरिडोर, नारायणी-गंगा कॉरिडोर, बनाने की योजना बनाई जा रही है। यह कॉरिडोर बगहा (एनएच-727ए) से लेकर भोजपुर जिले के पातर तक बनेगा। इस योजना की जानकारी उपमुख्यमंत्री और पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

नारायणी-गंगा कॉरिडोर क्या है?

इस प्रस्तावित कॉरिडोर में गंडक नदी पर एक नया पुल बनाने का भी प्रावधान है। पातर (आरा) में यह कॉरिडोर पटना-आरा-सासाराम हाईस्पीड कॉरिडोर (एनएच-119ए) से जुड़ जाएगा। इसके चलते बगहा से आरा होते हुए सासाराम, वाराणसी, और कोलकाता तक की यात्रा आसान हो जाएगी। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश से भी इस मार्ग के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

किसे मिलेगा फायदा?

विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, इस कॉरिडोर से बिहार के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र को सीधे दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से जोड़ दिया जाएगा। इससे भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज, और पश्चिमी चंपारण जिलों को तेज और सीधी सड़क संपर्क सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, नए मार्गों के विकास से आसपास के क्षेत्रों में भी बेहतर सड़क संपर्क स्थापित किया जा सकेगा।

कहां से कहां तक बनेगा कॉरिडोर?

यह ग्रीनफील्ड हाईस्पीड कॉरिडोर पश्चिमी चंपारण के बगहा से शुरू होकर भोजपुर जिले के पातर तक जाएगा। पातर में यह पटना-आरा-सासाराम हाईस्पीड कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। इस मार्ग में बगहा, बेतिया, गोपालगंज के बरौली, सीवान के जनता बाजार, और सारण जिले के रिविलगंज शामिल होंगे। इसके बाद यह गंगा नदी को पार कर आरा के पास पातर में पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर से जुड़ जाएगा।नए पुलों का निर्माण भी प्रस्तावितकॉरिडोर के अंतर्गत गंडक और गंगा नदियों पर नए पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है, जिससे पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण और भोजपुर जिलों के लोगों को तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

इसकी आवश्यकता क्यों है?

वर्तमान में आरा और छपरा के बीच स्थित गंगा पुल पर यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, और इन पुलों पर भारी वाहनों की आवाजाही भी अधिक हो रही है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, रिविलगंज में गंगा नदी पर एक नया पुल बनाने की योजना है। उत्तर से दक्षिण तक सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए यह कॉरिडोर अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार जल्द ही इस ग्रीनफील्ड हाईस्पीड नारायणी-गंगा कॉरिडोर के प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजेगी, ताकि बिहार में सड़क संपर्क और बेहतर व सुगम बनाया जा सके।

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