NEWS PR डेस्क: पटना, 11 मार्च 2026। बिहार सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अंतर्गत केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने बिहार पुलिस में सिपाही के 19,838 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) को सफलतापूर्वक संपन्न करा लिया है। इस संबंध में केंद्रीय चयन पर्षद ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी।
प्रेस नोट के अनुसार, विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत आयोजित यह शारीरिक दक्षता परीक्षा 15 दिसंबर 2025 से 11 मार्च 2026 तक पटना के गर्दनीबाग स्थित शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च विद्यालय (पटना हाई स्कूल) परिसर में आयोजित की गई। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए पर्षद द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं और पूरे कार्यक्रम को कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराया गया।
पर्षद के अनुसार, PET परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर कुल 99,690 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें से 79,932 अभ्यर्थी शारीरिक रूप से परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 50,477 पुरुष, 29,426 महिला और 29 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल रहे।
करीब तीन महीनों तक चले इस परीक्षा कार्यक्रम के दौरान 66 कार्यदिवसों में परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 40 दिन पुरुष अभ्यर्थियों और 26 दिन महिला अभ्यर्थियों की परीक्षा ली गई। प्रत्येक दिन अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता, शारीरिक माप तथा अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।
परीक्षा के संचालन के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा 266 पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इनमें 4 पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी और 26 पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल थे। परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापन के लिए आवेदन और लिखित परीक्षा के समय की तस्वीरों, बायोमेट्रिक चिन्हों, फिंगरप्रिंट और अन्य सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उपायों का सहारा लिया गया। दौड़ में समय की गणना के लिए RFID और सेंसर आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक बनी रही।
परीक्षा के दौरान अनियमितताओं पर भी सख्ती बरती गई। इस दौरान 170 ऐसे व्यक्तियों की पहचान की गई, जिन्होंने प्रतिरूपण या अन्य अवैध तरीकों से परीक्षा में शामिल होने या अभ्यर्थियों की मदद करने की कोशिश की। इनमें 67 अभ्यर्थी भी शामिल थे। इस मामले में गर्दनीबाग थाना में 23 कांड दर्ज किए गए और 44 अभ्यर्थियों सहित कुल 46 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
परीक्षा के दौरान 615 पुरुष और 305 महिला अभ्यर्थियों को चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ी, जिन्हें मौके पर तैनात चिकित्सा पदाधिकारियों और स्थानीय अस्पतालों की मदद से उपचार उपलब्ध कराया गया।
केंद्रीय चयन पर्षद ने बताया कि इस पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, कदाचारमुक्त और शुचिता पूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए। साथ ही अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को आगाह किया गया है कि वे किसी भी दलाल या बिचौलिये के झांसे में न आएं, क्योंकि अंतिम चयन केवल अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और मेरिट सूची के आधार पर ही किया जाएगा।
पर्षद ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पर्षद का प्रतिनिधि बताकर अभ्यर्थियों से संपर्क करता है या किसी प्रकार की मदद का दावा करता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाना, साइबर थाना या आर्थिक अपराध इकाई को दें, ताकि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने कहा कि वह चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।