पटना: बिहार में बिजली सब्सिडी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने संपन्न परिवारों से स्वेच्छा से बिजली सब्सिडी का लाभ छोड़ने और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। इसके लिए 1 दिसंबर से पूरे बिहार में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग स्वेच्छा से सब्सिडी का लाभ छोड़कर योगदान देंगे, उन्हें दाता के रूप में सम्मानित किया जाएगा।दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को दीपावली के मौके पर पटना के दीघा-आशियाना रोड स्थित एक दलित बस्ती पहुंचे थे। यहां उन्होंने दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के परिवारों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने लोगों को उपहार दिए और उनके साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह उज्ज्वला योजना के तहत सक्षम लोगों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी, उसी तर्ज पर बिजली सब्सिडी को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के संपन्न लोग आगे आएं और जरूरतमंद परिवारों के लिए अपना योगदान दें।मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में करीब 1 करोड़ 92 लाख परिवारों को, आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में संभव हुआ है।
सम्राट चौधरी ने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार को समृद्धि और विकास के रास्ते पर आगे ले जाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से भी अपील की कि वे दलित, आदिवासी और अति पिछड़े समाज के परिवारों के बीच जाकर त्योहार मनाएं, ताकि खुशियों का यह पर्व हर परिवार तक पहुंचे।प्रधानमंत्री के बिहार दौरे से मिल सकती हैं बड़ी सौगातेंमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित बिहार दौरे को लेकर भी उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार पूरी एकजुटता के साथ काम कर रही है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के बिहार आगमन पर राज्य को कई बड़ी सौगातें मिल सकती हैं। इस दौरान विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। साथ ही, बिहार में निवेश करने के इच्छुक कई उद्योगों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन पहलों से बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।