NEWS PR डेस्क: पटना, 16 जून। बिहार की मत्स्य संपदा और मत्स्यपालकों के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार को पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन में राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर कार्यालय का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएफडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय के खुलने से बिहार में मत्स्यपालन को नई गति मिलेगी और राज्य के मत्स्य किसानों को तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
हर पंचायत और प्रखंड में बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक पंचायत और प्रखंड में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाट के कॉन्सेप्ट पर दूध, सब्जी और मछली की एक साथ बिक्री की योजना पर काम किया जाएगा, ताकि किसानों और मत्स्यपालकों को अपनी उपज का सीधा लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि बिहार अब मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में राज्य के मत्स्यपालक लगभग 95 प्रतिशत मछली उत्पादन कर राज्य की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। अब लक्ष्य अन्य राज्यों और विदेशों तक बिहार की मछली पहुंचाने का है।

झारखंड और नेपाल का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड और नेपाल जैसे क्षेत्रों में अपनी राज्य की मछली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बिना कांटे वाली और उच्च गुणवत्ता की मछलियों के उत्पादन पर भी जोर दिया, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार की मजबूत पहचान बन सके।
हेलीकॉप्टर पर्यटन की भी घोषणा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से पटना के लोग मात्र 2100 रुपये में हेलीकॉप्टर से शहर का भ्रमण कर सकेंगे।
इसके अलावा राजगीर, मुंडेश्वरी मंदिर, मां तुलजा भवानी मंदिर, क्षेत्र के जलप्रपातों और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व का हेलीकॉप्टर से भ्रमण लगभग 6000 रुपये में कराया जाएगा। इस योजना में राज्य सरकार सब्सिडी भी देगी।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। राज्य में उद्योग, डिफेंस सेक्टर, सेमीकंडक्टर, पर्यटन और आईटी क्षेत्र में निवेश के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने वालों को सुविधाएं देने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है और अब कई प्रक्रियाओं को समयबद्ध बनाया गया है।
सहकारिता समितियों की होगी बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इनके माध्यम से उत्पादन लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा, जिससे मत्स्यपालकों की आय में वृद्धि होगी।
कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, सहकारिता मंत्री रामुपाल यादव, भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी तथा एनएफडीबी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार बहरा ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक रत्नेशकुशवाहा , मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शशांक कपिल अशोक, फिशरीज निदेशक तुषार सिंघला, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि एनएफडीबी के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना से बिहार में मत्स्य उत्पादन, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा तथा राज्य देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
