बिहार में राशन व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने की तैयारी, 80 वर्ष से अधिक बुजुर्गों तक घर-घर पहुंचेगा अनाज

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 12 मई। बिहार सरकार खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राशन कार्ड निर्माण से लेकर खाद्यान्न वितरण तक हर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं, जन वितरण प्रणाली, अधिप्राप्ति कार्यों और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री उपेन्द्र कुमार, निदेशक श्री विभूति रंजन चौधरी और बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक श्री सुनील कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान मंत्री ने नए राशन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने जन वितरण प्रणाली की दुकानों में रिक्त पदों को जल्द भरने पर भी जोर दिया, ताकि लाभुकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

श्री अशोक चौधरी ने बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को निर्देश देते हुए कहा कि लाभुकों तक सही समय पर सही मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न पहुंचना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खाद्यान्न आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण पहल 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को उनके घर तक खाद्यान्न पहुंचाने की योजना को लेकर रही। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस संबंध में पायलट परियोजना लागू करने की संभावनाओं का आकलन कर जल्द प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर इसे पूरे राज्य में लागू करने पर विचार किया जाएगा।

इसके अलावा दलहन अधिप्राप्ति कार्य की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सहकारिता विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने पीपीपी मॉडल पर नए गोदाम निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा, ताकि राज्य की भंडारण क्षमता को और मजबूत किया जा सके।

मंत्री ने विभागीय योजनाओं और उपभोक्ता संरक्षण से संबंधित गतिविधियों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया।

समीक्षा बैठक के दौरान उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय में रिक्त पदों को जल्द भरने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी है और सभी अधिकारियों को जवाबदेही तथा पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।

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