NEWS PR डेस्क : पटना/शिवहर, 19 जुलाई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड स्थित बेलवा में बागमती-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ (रिवर इंटरलिंकिंग) परियोजना के तहत 130.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लगभग 68.80 किलोमीटर लंबी बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद उन्होंने लिंक चैनल का निरीक्षण भी किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने शिवहर जिले के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाली 40 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया। इनमें 22 योजनाओं का उद्घाटन तथा 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर जीविका, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग तथा बिहार पुलिस के अभया ब्रिगेड एवं साइबर क्राइम से जुड़े स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शिवहर जिले के 4,550 जीविका स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ 35 लाख रुपये का सांकेतिक चेक भी प्रदान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से नदी जोड़ (रिवर इंटरलिंकिंग) परियोजनाओं की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे बिहार में जल संसाधनों के समेकित और वैज्ञानिक प्रबंधन को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल बागमती नदी के अतिरिक्त जल को बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इसके शुरू होने से बाढ़ के समय अतिरिक्त जल का बेहतर प्रबंधन संभव होगा और बाढ़ की तीव्रता में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि लगभग 68.80 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का निर्माण 130.88 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और यह बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में इजाफा होगा। इसके साथ ही मत्स्य पालन सहित अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना भू-जल पुनर्भरण, हरित आवरण के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं समग्र प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और किसानों की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि नदी जोड़ परियोजनाएं विकसित बिहार के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक पहल हैं और राज्य के सतत विकास का मजबूत आधार बनेंगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, जल संसाधन विभाग के अभियंता तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
