NEWS PR डेस्क:दानापुर: बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्रों में पानी बढ़ने के साथ अब जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। राघोपुर, दानापुर और मनेर के दियारा इलाकों में जंगली सूअर सूखे स्थानों और आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। इसी बीच जंगली सूअर के हमले में करीब 6 से 8 वर्ष की बच्ची की मौत का मामला सामने आया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मीसा भारती ने मौके की स्थिति की जानकारी ली और वन विभाग के अधिकारियों से जंगली जानवरों को पकड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जंगली सूअरों के प्राकृतिक ठिकानों में पानी भर गया है, जिसके चलते वे सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं।
बाढ़ के कारण आबादी की ओर पहुंच रहे जंगली जानवर
मीसा भारती ने बताया कि राघोपुर दियारा के साथ-साथ दानापुर और मनेर के दियारा क्षेत्रों में भी जंगली सूअर पाए जाते हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने से इनके रहने के स्थान प्रभावित हुए हैं और अब ये सूखे स्थानों तथा घरों के आसपास पहुंच रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से अपील की कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत जंगली सूअरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीणों और खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बच्ची के परिवार को तत्काल सहायता
मीसा भारती के अनुसार, जंगली सूअर के हमले में जान गंवाने वाली बच्ची के पिता को तत्काल 20 हजार रुपये की सहायता दी गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं थे। अधिकारियों का संपर्क नंबर लिया गया है और उनसे बातचीत कर जल्द से जल्द जंगली जानवरों को पकड़ने की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
दानापुर अनुमंडल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा
मीसा भारती ने दानापुर अनुमंडल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल का भवन बड़ा है, लेकिन डॉक्टरों की कमी की शिकायत लंबे समय से सामने आती रही है। मरीजों की ओर से अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है, लेकिन अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर की नियमित उपलब्धता को लेकर मरीजों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के कारणों की जानकारी लेने के बाद वह बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करेंगी।
सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं की जरूरत
मीसा भारती ने कहा कि सरकारी अस्पताल आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि हर व्यक्ति निजी अस्पतालों में होने वाले महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा सकता। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या के साथ जांच और अन्य जरूरी सुविधाएं बेहतर होंगी तो इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। दानापुर से पशुपति शर्मा की रिपोर्ट