NEWS PR डेस्क: पूर्णिया, 11 जुलाई।जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया में शनिवार को शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के उत्कृष्ट योगदान, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं अथक परिश्रम के सम्मान में एक भव्य एवं अप्रत्याशित सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष समारोह की जानकारी पूर्व में किसी को नहीं थी। जैसे ही सम्मान समारोह की घोषणा हुई, पूरे सभागार में उत्साह, जिज्ञासा और खुशी की लहर दौड़ गई। यह सुखद आश्चर्य सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया।
समारोह में विद्यालय के चेयरमैन डॉ. पीयूष अग्रवाल, वाइस चेयरमैन शैलेन्द्र गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुजीत प्रसाद, प्रधानाचार्या पुलोमा नंदी, प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) प्रीतम दास, उप-प्रधानाचार्य राज कुमार दास, वरिष्ठ शैक्षणिक समन्वयक त्रिबेणी पाण्डेय सहित सभी समन्वयक, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट कार्य, अनुकरणीय कार्यशैली, समर्पण, नवाचार तथा निरंतर उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति विद्यालय की कृतज्ञता का प्रतीक था। सम्मान प्राप्त करते समय सभी के चेहरों पर गर्व, आत्मविश्वास और प्रसन्नता स्पष्ट रूप से झलक रही थी। तालियों की गूंज से पूरा सभागार उल्लास और उत्साह से भर उठा।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सबसे बड़ी शक्ति उसके समर्पित शिक्षक एवं कर्मचारी होते हैं। उनके अथक प्रयास, ईमानदारी, अनुशासन और प्रतिबद्धता ही संस्था को निरंतर उत्कृष्टता के नए आयाम प्रदान करते हैं। ऐसे सम्मान समारोह न केवल कर्मचारियों के मनोबल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हैं, बल्कि उन्हें और अधिक समर्पण, नवाचार तथा उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी देते हैं।
यह समारोह केवल सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा, आत्मीयता, टीम भावना और पारस्परिक सम्मान का उत्सव बन गया। इस अभिनव पहल ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच तथा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति के प्रति नव उत्साह का संचार किया।
जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया अपने शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान, प्रोत्साहन, कल्याण एवं सर्वांगीण विकास के प्रति सदैव प्रतिबद्ध है। विद्यालय का मानना है कि जब शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान होता है, तभी उत्कृष्ट शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कार और सशक्त कार्यसंस्कृति की मजबूत नींव तैयार होती है। इसी सकारात्मक सोच, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के बल पर विद्यालय निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।
