CM सम्राट चौधरी की जनता से अपील: पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं, नो व्हीकल डे और वर्क फ्रॉम होम पर जोर

स्वच्छ और बेहतर बिहार के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, वर्क फ्रॉम होम और नो व्हीकल डे पर CM का जोर

Rashmi Tiwari
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सम्राट चौधरी ने पेट्रोलियम उत्पादों की बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत संबंधी अपील के बाद मुख्यमंत्री ने बिहार में ईंधन खपत कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट के जरिए दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी और निजी स्तर पर ईंधन की बचत को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अनावश्यक खर्च को भी कम किया जा सके।


मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या होगी कम
सरकार ने निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखी जाएगी। इसका उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर सादगी और अनुशासन को बढ़ावा देना है। सरकार ने मंत्रियों, निगम-बोर्ड के अध्यक्षों, सदस्यों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त वाहनों का उपयोग न करें और कम से कम काफिले का प्रयोग करें।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग पर जोर
राज्य सरकार ने आम लोगों से भी मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक उपयोग करने की अपील की है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण में भी कमी आएगी। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि अधिकतम बैठकें और कॉन्फ्रेंस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएं, ताकि अनावश्यक यात्रा को रोका जा सके। साथ ही सरकारी और निजी दफ्तरों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है।

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‘नो व्हीकल डे’ की भी अपील
मुख्यमंत्री ने सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील भी की है। इसके जरिए लोगों को निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार ने सरकारी कार्यालयों की कैंटीन में पाम ऑयल के उपयोग को सीमित करने का भी निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखना है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से ईंधन की खपत में कमी आएगी, प्रदूषण पर नियंत्रण होगा और राज्य में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

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