शीतलहर का कहर: पटना के आश्रय स्थल पर लापरवाही उजागर, ताले में बंद मिले जरूरतमंद

Puja Srivastav

NEWSPR डेस्क। पटना समेत पूरे बिहार में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर रैन बसेरा और आश्रय स्थल बनाए गए हैं, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोग ठंड से बचाव कर सकें।

लेकिन जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों की पोल खोलती नजर आई। पटना रेलवे स्टेशन के नजदीक बुद्ध स्मृति पार्क के पास बनाए गए आश्रय स्थल पर उस वक्त ताला लटका मिला, जब न्यूज पीआर की टीम मौके पर पहुंची। हैरानी की बात यह रही कि ताले के अंदर कई लोग मौजूद थे, जो ठंड से बचने के लिए आश्रय लिए हुए थे।

न्यूज पीआर की टीम के पहुंचते ही आश्रय स्थल का एक कर्मी मौके पर आया और ताला खोला। जब रिपोर्टर ने ताला बंद होने का कारण पूछा तो कर्मी ने बताया कि वह किसी काम से बाहर गया था, इसलिए आश्रय स्थल बंद कर दिया गया था। रिपोर्टर ने जब सवाल किया कि ताला बंद रहने के दौरान यदि कोई अनहोनी हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, तो कर्मी ने खुद को जिम्मेदार बताते हुए कैमरे के सामने किसी भी सवाल का जवाब देने से परहेज किया।

यह घटना प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर तस्वीर पेश करती है। सवाल उठता है कि जिस आश्रय स्थल का मकसद लोगों की जान बचाना है, वहीं अगर इस तरह ताले लगाए जाएंगे तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में कई बेगुनाह जानें खतरे में पड़ सकती हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर आएगी।

फिलहाल इस मामले पर जिला प्रशासन या किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यह घटना शीतलहर के बीच सरकारी इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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