कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण कुशवाहा के निधन पर भागलपुर में शोक, राहुल गांधी ने जताया दुख

Rashmi Tiwari

भागलपुर से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा का पार्थिव शरीर देर रात शहर पहुंचा। शोक की इस घड़ी में बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस भवन पहुंचे और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बताया जा रहा है कि प्रवीण सिंह कुशवाहा की मौत कन्नौज में हुए एक भीषण सड़क हादसे में हुई। यह दुर्घटना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर उस समय हुई जब उनकी कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी दिशा से आ रही गाड़ी से भिड़ गई। हादसा इतना भयानक था कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
हालत नाजुक देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत कन्नौज मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचने पर सीने में तेज दर्द के बाद वे गिर पड़े, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनका पार्थिव शरीर भागलपुर स्थित कांग्रेस भवन लाया गया
शनिवार देर रात उनका पार्थिव शरीर भागलपुर स्थित कांग्रेस भवन लाया गया, जहां पूर्व विधायक, कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अंतिम दर्शन किए। उनका अंतिम संस्कार आज यानी रविवार को बरारी में किया जाएगा। उनके निधन पर राहुल गांधी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रवीण सिंह कुशवाहा एक निष्ठावान और संघर्षशील नेता थे, जिनकी कमी पार्टी को हमेशा महसूस होगी।

प्रवीण सिंह कुशवाहा का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा। वे हमेशा कहते थे कि वे बैकफुट पर नहीं, बल्कि फ्रंट फुट पर खेलते हुए संघर्ष करना पसंद करते हैं—यही उनका जीवन मंत्र भी था। उन्होंने 2005 में पहली बार चुनाव लड़ा और इसके बाद 2020 व 2025 में भी विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की। पटना साहिब, भागलपुर और कहलगांव सीटों से चुनाव लड़ने के बावजूद वे जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और समर्पण लगातार बना रहा। हाल ही में, पिछले महीने ही उन्हें कांग्रेस ने भागलपुर जिला अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। उनका अचानक निधन न केवल पार्टी बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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