NEWSPR डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान जारी हैं इसी बीच कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने एनडीए की एकता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी खुद नहीं चाहती कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हो इसलिए नरेंद्र मोदी के कैबिनेट के मंत्री के बेटे और एनडीए गठबंधन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान नीतीश कुमार के खिलाफ बिहार में प्रचार किया। चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई शुरू करना बीजेपी की साफ मानसिकता दर्शाता है
और बीजेपी ने नीतीश कुमार को चालाकी के साथ निपटाने का काम किया है. एनडीए में आपसी कलह के कारण नीतीश कुमार को बीजेपी मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में नहीं देखना चाहती है. साथ ही अश्वनी चौबे के बयान पर सवाल उठाते हुए प्रेमचंद मिश्रा ने कहा की चौबे जी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर जो भी कहा हैं वो इस बात पर मुहर लगाती हैं की वो भी नहीं चाहते की नितीश मुख्यमंत्री बने।
बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के बाद मीडिया के तरफ से एग्जिट पोल जारी की गई है उसमें महागठबंधन को मजबूत सरकार बनते हुए दिखाया गया है इस रुझान को देखते हुए कांग्रेसी नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा की चुनाव का बेहतर परिणाम 10 तारीख को जनता के सामने आएगा और जिस तरह से जनता ने महा गठबंधन के मुद्दे को सही माना है उसी को देखते हुए सत्ता में लाने के लिए महागठबंधन को जनता ने मन बना कर वोट दिया है।
जिस तरह से अब तक के एग्जिट पोल रहे हैं उस हिसाब से फुल मेजॉरिटी के साथ महागठबंधन सरकार बनाएगी। फ़िलहाल तो एग्जिट पोल के हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा हैं पर 10 नवंबर को चुनाव का परिणाम सामने आएगा जिसका इंतजार लोग बेसब्री से कर रहे हैं।