राज्यभर के CO और RO हड़ताल पर, जाति, आय और आवास प्रमाणपत्र जारी करना पूरी तरह ठप

Neha Nanhe
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NEWS PR डेस्क : बिहार में राजस्व सेवा से जुड़े अधिकारियों की हड़ताल ने राज्य भर में प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। आज से बिहार राजस्व सेवा (BRS) के सभी पदाधिकारी—जिसमें अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) शामिल हैं—अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। यह कदम सरकार और विभाग की ओर से लंबित मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में उठाया गया है।

हड़ताल के कारण राज्य के सभी 537 अंचलों में कामकाज लगभग ठप हो गया है। इसका सीधा असर आम लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ा है। दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन, जमीन से जुड़े अन्य राजस्व कार्यों के साथ-साथ जाति, आय और आवासीय प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया भी रुक गई है। इससे हजारों लोगों के जरूरी काम प्रभावित हुए हैं।

बिहार राजस्व सेवा के दोनों प्रमुख संगठन—बिरसा और बिरसा यूनाइटेड—पूरी तरह हड़ताल में शामिल हैं। इन संगठनों ने संयुक्त रूप से कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती, हड़ताल जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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राजस्व विभाग में पहले से ही कामकाज प्रभावित था क्योंकि 11 फरवरी से कर्मचारी संघ भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। अब अधिकारियों के भी हड़ताल में शामिल होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कर्मचारी और अधिकारी दोनों के हड़ताल पर रहने से विभाग का लगभग पूरा सिस्टम ठप हो गया है।

हड़ताल का असर केवल प्रमाणपत्र और जमीन से जुड़े कामों तक सीमित नहीं है। राज्य में चल रहे सर्वे और चकबंदी का काम भी पूरी तरह बंद हो गया है। इन परियोजनाओं का संचालन भी राजस्व सेवा के अधिकारियों के हाथ में है। इसके अलावा, कृषि गणना निदेशालय का काम और 2027 की जनगणना की तैयारी पर भी इसका असर पड़ा है। बिहार में जनगणना 2027 के लिए राजस्व विभाग नोडल विभाग है, इसलिए अधिकारियों की हड़ताल से इसकी तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हड़ताल लंबी चली, तो इसका असर प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी पड़ेगा। आम लोगों को प्रमाणपत्र और जमीन से जुड़े कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही अधिकारियों और सरकार के बीच बातचीत होगी। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कब सहमति बनती है और राजस्व विभाग का कामकाज सामान्य होता है।

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