NEWS PR डेस्क: बिहार में BPSC TRE-4 को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। परीक्षा का नोटिफिकेशन सामने आने के बाद CTET अभ्यर्थियों में नाराजगी है। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आज शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास पहुंच गए हैं। उनकी मांग है कि TRE-4 में CTET पास उम्मीदवारों को भी आवेदन और परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए। साथ ही, अभ्यर्थी रिक्तियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि अभ्यर्थी सुबह करीब साढ़े छह बजे से ही शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर जुटे हुए हैं। वे मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखना चाहते हैं। CTET अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब STET उम्मीदवारों को TRE-4 में मौका दिया गया है, तो CTET पास अभ्यर्थियों को इससे बाहर रखने की वजह क्या है।
आगे की राह और मुश्किल..
अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE-4 का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था और करीब दो साल के बाद इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। ऐसे में उन्हें इस भर्ती में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया, तो उनके लिए आगे की राह और मुश्किल हो जाएगी। फिलहाल उनकी कोशिश है कि पहले शिक्षा मंत्री से मिलकर अपनी मांग रखी जाए और सरकार से नियमों में बदलाव की अपील की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी..
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शिक्षा मंत्री को अपना अभिभावक मानते हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि मंत्री उनकी परेशानी को समझेंगे। हालांकि, काफी देर तक इंतजार के बावजूद जब मुलाकात नहीं हुई, तो कुछ अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो वे अनशन शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासन भी सतर्क…
वहीं, शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है और अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभ्यर्थी अपनी मांग पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री से मुलाकात नहीं होती और उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात…
उधर, शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है और अधिकारियों की ओर से अभ्यर्थियों को वहां से हटाने की कोशिश जारी है लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि वे अपनी बात शिक्षा मंत्री के सामने रखे बिना वापस नहीं लौटेंगे ।