रोहतास में बाढ़ का कहर! 50 घरों में घुसा पानी, रातभर फंसे रहे लोग; नाव से 100 लोगों का रेस्क्यू

Shreya Raj
रोहतास में बाढ़ का कहर, दूर-दूर तक जलमग्न हुआ इलाका; घरों और सड़कों पर भरा बाढ़ का पानी।

NEWS PR डेस्क: बिहार के रोहतास जिले में लगातार हो रही बारिश और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का संकट गंभीर होता जा रहा है। तिलौथू प्रखंड कार्यालय से सटे सरैयां गांव में बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। करीब 50 घर बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 30 से अधिक घरों के पानी में डूबे होने की बात सामने आई है। हालात इतने खराब हो गए कि कई परिवारों को रातभर अपने घरों में फंसे रहना पड़ा।

नाव से 100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

बुधवार सुबह बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उप प्रमुख जोखन पासवान और ग्रामीणों ने नाव की व्यवस्था की। इसके बाद रेस्क्यू अभियान चलाकर करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रेस्क्यू किए गए लोगों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे।

कई ग्रामीण अपने पालतू जानवरों को भी साथ लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकलते नजर आए। अचानक घरों में पानी घुसने से लोगों के सामने अपनी जान बचाने के साथ-साथ जरूरी सामान को सुरक्षित रखने की भी चुनौती खड़ी हो गई है।

सोन नदी के उफान से कई गांव प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, तुतला भवानी धाम की ओर से आने वाले पानी और सोन नदी में उफान के कारण सरैयां समेत आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इनमें सरैयां गांव सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। घरों में पानी घुसने के बाद बड़ी संख्या में लोग अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। लगातार बारिश और नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका के बीच लोगों की चिंता बनी हुई है।

प्रशासन की मदद का इंतजार, ग्रामीणों में नाराजगी

बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि हालात बिगड़ने के बावजूद शाम तक कोई अधिकारी प्रभावित इलाके में पहुंचकर लोगों का हाल जानने नहीं आया।

ग्रामीणों के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य के लिए कई अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन सीओ, एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों से बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से सिर्फ माइकिंग कराकर लोगों को सतर्क किया गया, जबकि प्रभावित परिवारों को तत्काल नाव, राहत सामग्री और सुरक्षित स्थान की जरूरत है।

बाढ़ के पानी के साथ जहरीले सांप और अन्य जीव-जंतुओं के घरों में पहुंचने की आशंका ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

फारूकगंज, शिवाला और मदारीपुर में भी पानी घुसने की सूचना

सरैयां से सटे फारूकगंज, शिवाला, मदारीपुर और तिलौथू पूर्वी समेत कई गांवों में भी बाढ़ का पानी घुसने की सूचना है। खेतों में लगी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। लगातार बारिश और सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका के बीच सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे लोग भी भय के माहौल में हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पुल टूटने से करीब एक हजार लोगों की परेशानी बढ़ी

बाढ़ के बीच सरैयां और तिलौथू के बीच आवागमन की समस्या भी गंभीर हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, पुल निर्माण के लिए करीब चार महीने पहले पुल तोड़े जाने के कारण दोनों गांवों के बीच सीधा संपर्क पहले से बाधित है।

ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक हजार लोगों को तिलौथू बाजार जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। अब मुख्य सड़क के दोनों ओर बाढ़ का पानी भर जाने से आवागमन और मुश्किल हो गया है। आपात स्थिति में बीमार, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को बाहर निकालना भी चुनौती बन गया है।

2015 में भी बाढ़ से प्रभावित हुआ था इलाका

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2015 में भी बाढ़ के दौरान सरैयां के रिहायशी इलाके के साथ कोडर और मदारीपुर गांव प्रभावित हुए थे। इस बार दोबारा बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाव, राहत सामग्री, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

बीडीओ ने कहा- प्रशासन स्तर से हर संभव मदद की जाएगी

इधर, बीडीओ अंकित जैन ने बताया कि वह फिलहाल बैठक में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर से जो भी संभव होगा, किया जाएगा। फिलहाल सरैयां गांव में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। करीब 50 घरों में पानी घुसने और 30 से अधिक घरों के डूबने के बीच ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रभावित परिवारों तक जल्द राहत और बचाव की सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।

रोहतास से रिपोर्टर: रंजन सिंह

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