इंडो-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की डीआईजी ने की समीक्षा, तस्करी रोकने को दिए सख्त निर्देश

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: सुपौल :,कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने रविवार को सुपौल जिले के भीमनगर स्थित इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने एसएसबी की 45वीं वाहिनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीमा सुरक्षा, तस्करी पर रोक और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की।


तस्करी और अवैध गतिविधियों पर बनेगी संयुक्त रणनीति
बैठक में सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध आवाजाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की गई। डीआईजी ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए पुलिस और एसएसबी के बीच बेहतर समन्वय और नियमित सूचना साझा करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए और आपसी तालमेल के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गश्त बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
डीआईजी ने सीमा क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती थानों और एसएसबी के बीच मजबूत समन्वय से अपराध नियंत्रण और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
थर्मल स्कैनर पॉइंट का किया निरीक्षण
बैठक के बाद डीआईजी ने एसएसबी द्वारा स्थापित थर्मल स्कैनर पॉइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने उपकरणों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और सीमा पर तैनात जवानों से निगरानी के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि थर्मल स्कैनर जैसी आधुनिक तकनीक सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
हर महीने होती है सुरक्षा समीक्षा बैठक
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि इंडो-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एसएसबी, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ हर महीने समन्वय बैठक आयोजित की जाती है। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, चौकसी, तैनाती और समन्वय की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, ताकि सीमा सुरक्षा और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।
बैठक में एसएसबी 45वीं वाहिनी वीरपुर के कमांडेंट गौरव सिंह, सेकेंड-इन-कमांड जगदीश कुमार शर्मा, डिप्टी कमांडेंट सौरव सुमन, वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।सुपौल से अल्ताफ राजा की रिपोर्ट

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