बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 16 जून से 18 जून तक राज्य के सभी 534 प्रखंडों में चलने वाले ‘ प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल हमारी डबल इंजन सरकार के सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है । हमारे लिए सत्ता हमेशा से सेवा का माध्यम रहा है । इसलिए हमारी सरकार सतत रूप से इस प्रकार के जनकल्याणकारी पहल को प्रोत्साहित करती रही है । पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमने प्रयोग के तौर पर कृषि विभाग में ‘किसान कल्याण संवाद’ और राजस्व एवं भूमिसुधार विभाग में ‘राजस्व एवं भूमिसुधार जनकल्याण संवाद’ पहल की शुरुआत की थी । काफी कम समय में उन कार्यक्रमों के उत्साहजनक परिणाम आए थे, जिसे पक्ष-विपक्ष के लोगों द्वारा खुले दिल से सराहा भी गया था ।निश्चित रूप से सहयोग शिविर का यह कार्यक्रम अधिक व्यापक रूप से बिहार की जनता के समग्र विकास को नई गति देगा ।विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री बीते 12 वर्षों से लगातार ‘वंचितों को वरीयता’ देने वाले प्रशासन पर बल देते रहे हैं । उन्हीं की प्रेरणा से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार ने केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पारदर्शिता और बिना किसी भेदभाव के पहुँचाने के लिए इस कार्यक्रम को शुरू किया है । इसमें योजनाओं की जानकारी से लेकर लाभार्थियों की पहचान, कागजी कार्रवाई से लेकर योजनाओं से जुड़ी अड़चनों की पड़ताल कर त्वरित समाधान किया जाएगा । इस मुहिम में प्रखंड स्तर से लेकर राज्यस्तर का पूरा सरकारी महकमा जनसमस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहेगा ।विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आयुष्मान भारत, वीबी-जी-रामजी, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम-किसान, स्वनिधि , पीएम-आवास जैसी कल्यणकारी केंद्रीय योजनाओं के साथ राज्य की कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लक्षित और लीकेज मुक्त कियान्वयन को गतिशीलता मिलेगी । साथ ही शिविर में हेल्प डेस्क और हेल्थ डेस्क बनाकर लोगों को योजनाओं से जुड़ी सहायता और स्वास्थ्य परामर्श भी मुहैया कराया जाएगा । इस पहल के जरिये हम ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ के सात निश्चय-3 के संकल्प को व्यवहारिक रूप से साकार करेंगे ।विजय कुमार सिन्हा ने आगे कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ के तर्ज पर केंद्र से लेकर स्थानीय स्तर तक के सभी लोकसेवक जिम्मेदारी और भागीदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएं । हमें पूरी उम्मीद है कि यह पहल देशभर में भागीदारी मूलक लोकनीति का एक मानक बनकर उभरेगा ।
