NEWS PR डेस्क: पटना, 14 अप्रैल। बिहार में नई सरकार के गठन से ठीक पहले प्रशासनिक महकमे में बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर बिहार कैडर के कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुला लिया है। खास बात यह है कि इस सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और प्रभावशाली अधिकारी भी शामिल हैं।
प्रमुख अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां
इस फेरबदल के तहत 2003 बैच के आईएएस अधिकारी अनुपम कुमार, जो मुख्यमंत्री के सचिव और भरोसेमंद माने जाते हैं, उन्हें ऊर्जा मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। वहीं आईएएस अधिकारी वंदना प्रेयसी को उर्वरक विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आईपीएस अधिकारी केश राठी को केंद्रीय गृह मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। आईएएस अधिकारी प्रतिमा एस. वर्मा को जनजातीय कार्य मंत्रालय में कमिश्नर नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि अनुपम कुमार और प्रतिमा एस. वर्मा, जो दंपति हैं, दोनों को एक साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की मंजूरी मिली है।
इसके अलावा आईएएस अधिकारी श्रवनन एम को अंतरिक्ष विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर तैनात किया गया है।
सत्ता परिवर्तन से पहले बढ़ी हलचल
यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब बिहार में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया तेज है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दोपहर इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 15 अप्रैल को भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना है।
राज्य सरकार पहले ही कई अधिकारियों को रिलीव करने की स्वीकृति दे चुकी है और संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही दूसरी सूची भी जारी हो सकती है, जिसमें और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल होंगे।
क्या हैं इसके मायने?
सत्ता परिवर्तन से ठीक पहले इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों का केंद्र में जाना प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे नई सरकार की संभावित प्रशासनिक रणनीति और कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह फेरबदल बिहार की प्रशासनिक संरचना पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।