बिहार विधान परिषद में ऊर्जा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर चर्चा, किसानों और मरीजों को मिलेगी राहत

Patna Desk

बिहार विधान परिषद में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिनमें ऊर्जा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े विषय प्रमुख रहे। ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने किसानों के लिए सस्ती बिजली देने की घोषणा की, जबकि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने डॉक्टरों, नर्सों और डेंटिस्टों की भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।किसानों को सस्ती बिजलीऊर्जा मंत्री ने बताया कि पटना जिले के बिहटा प्रखंड में जून 2025 से 1,000 किसानों को 56 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। यह सुविधा दयालपुर, दौलतपुर, राजपुर, योगोपुर, कोरिया और पल्ली गांव के किसानों को मिलेगी।

उन्होंने बताया कि 26 कृषि फीडरों के माध्यम से बिजली कनेक्शन दिए गए हैं।इसके अलावा, हरिश्चंद्र नगर और मीठापुर फार्म तक सड़क निर्माण कार्य भी किया जाएगा। इस कार्य में बाधा बन रहे बिजली के पोलों को हटाने का निर्देश दिया गया है ताकि निर्माण तेजी से पूरा हो सके।स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारविधान परिषद में नीरज कुमार ने बाढ़, दानापुर और मसौढ़ी में पोस्टमार्टम हाउस बनाने की मांग उठाई। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बाढ़ में पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण जारी है, दानापुर में भवन मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है, जबकि मसौढ़ी में फिलहाल कोई पोस्टमार्टम हाउस नहीं है, जिससे शवों को पटना (पीएमसीएच) या जहानाबाद भेजना पड़ता है।

प्रो. संजय कुमार सिंह ने राज्य में जन औषधि केंद्र खोलने की मांग रखी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में बिहार में 812 जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं और 200 नए केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है, जिससे सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।मधुबनी के राजनगर स्थित जीएनएम स्कूल की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें मंत्री ने बताया कि स्कूल की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।मरीजों को तत्काल सहायतासौरभ कुमार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चिकित्सा सहायता योजना के तहत मरीजों को तत्काल सहायता देने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत हर बुधवार को एक अधिकृत समिति की बैठक होती है, जिसमें जरूरतमंद मरीजों की मदद की जाती है। सहायता प्राप्त मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है, और 15 दिनों के भीतर संबंधित अस्पताल में उनका इलाज शुरू कराया जाता है।आयुर्वेदिक कॉलेज के अधीक्षक की चिकित्सा प्रतिपूर्ति बढ़ेगीप्रो. बीरेंद्र नारायण यादव ने राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में अधीक्षक की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने का मुद्दा उठाया। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इस विषय पर 17 मार्च को एक समिति गठित की गई है, जो 17 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाई जाएगी।

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