NEWS PR डेस्क:समस्तीपुर/पटना। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार की मुख्यालय टीम ने भूमि सुधार उप-समाहर्त्ता (डीसीएलआर), रोसड़ा, समस्तीपुर कंचन कुमारी झा और उनके घरेलू नौकर सुमित कुमार को कथित तौर पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी 27 अगस्त 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या 103/2026, दिनांक 25 अगस्त 2026 के तहत की गई।

2 लाख रुपये और नई वाशिंग मशीन बरामद
निगरानी टीम ने कार्रवाई के दौरान नगर पंचायत रोसड़ा के वार्ड नंबर-24 स्थित डीसीएलआर के सरकारी आवास से 2 लाख रुपये नकद और सैमसंग कंपनी की नई वाशिंग मशीन बरामद की। बरामद वाशिंग मशीन की कीमत 37 हजार रुपये बताई गई है।इसके अलावा, आवास की तलाशी के दौरान 13.82 लाख रुपये की अतिरिक्त नकद राशि भी बरामद की गई।तीन बैंक खातों में मिले 10.27 लाख रुपयेअनुसंधान के दौरान तीन बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है। इन खातों में क्रमशः 7.06 लाख रुपये, 2.31 लाख रुपये और 90 हजार रुपये जमा पाए गए। निगरानी ब्यूरो की ओर से तीनों बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है।जांच के दौरान ग्रामीण जमीन की खरीद से संबंधित दो दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी आगे जांच की जा रही है।

रिश्वत की राशि के साथ वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए गएट्रैप की कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद होने के बाद अभियुक्त के हाथ के धोवन के नमूने को घटनास्थल से जब्त किया गया। निगरानी की ओर से बताया गया कि इसके लिए विशेष न्यायालय, निगरानी, मुजफ्फरपुर से आदेश प्राप्त कर लिया गया है। नमूने को आगे वैज्ञानिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।आरोप पत्र जल्द दाखिल करने की तैयारीनिगरानी थाना कांड संख्या 103/2026 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों प्राथमिकी अभियुक्तों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार किया गया था। निगरानी ब्यूरो के अनुसार अनुसंधान जारी है और जल्द ही आरोप पत्र समर्पित कर मामले में त्वरित विचारण की कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। मामले में अधिकतम 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान बताया गया है।परिवादी को लौटाई जाएगी रिश्वत की राशिनिगरानी विभाग के आदेश के आलोक में परिवादी द्वारा रिश्वत के रूप में दिए गए 2 लाख रुपये तथा 37 हजार रुपये की वाशिंग मशीन की कीमत की शीघ्र प्रतिपूर्ति की कार्रवाई की जाएगी।31 अगस्त 2026 को कांड के परिवादी मनोज कुमार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना पहुंचे। उन्हें ट्रैप की कार्रवाई और पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। ब्यूरो के अनुसार जानकारी मिलने के बाद परिवादी ने संतुष्टि जताई और ट्रैप टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए निगरानी अधिकारियों एवं कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
2025 में भी पुलिस अवर निरीक्षक को किया गया था गिरफ्तारनिगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि वर्ष 2025 में भी निगरानी थाना कांड संख्या 27/25 के तहत 13 मई 2025 को श्री मिथलेश मांझी, पुलिस अवर निरीक्षक, थाना असांव, जिला सिवान को 20 हजार रुपये और एक वाशिंग मशीन रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अनुसंधान के बाद आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और मामला विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर में आरोप गठन की प्रक्रिया में है।2026 में अब तक 95 ट्रैप केस, 93 अभियुक्त गिरफ्तारनिगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 95 ट्रैप कांड दर्ज किए गए हैं और कुल 93 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान 34,34,800 रुपये रिश्वत की राशि तथा 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वाशिंग मशीन बरामद की गई है।वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे। इस वर्ष 2026 में अब तक प्रति माह औसतन 11.8 ट्रैप कांड दर्ज हुए हैं, जबकि 2025 में यह औसत 8.4 था। ब्यूरो के अनुसार यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत अधिक है।रिश्वत मांगे जाने पर निगरानी में करें शिकायतनिगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। यदि किसी लोक सेवक (सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी) द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है, तो समय रहते निगरानी विभाग में शिकायत की जा सकती है।